sharad pawar and ajit pawar ncp: एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एनसीपी में बगावत के बाद भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार के साथ हाथ मिलाया था। अजित पवार की बगावत और पार्टी में फूट के बाद एनसीपी सुप्रीमो सक्रिय हुए। उन्होंने राज्य का दौरा किया और कई जनसभाएं की। अपने चाचा शरद पवार को जवाब देने के लिए अजित पवार ने जवाबी जनसभाएं कीं। अब एनसीपी कांग्रेस का यह विवाद विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग के पास विचाराधीन है।
इस मसले की 20 नवंबर से नई दिल्ली में चुनाव आयोग के समक्ष सुनवाई हो रही है। साथ ही अजित पवार ने पार्टी पर अपना वर्चस्व साबित करने के लिए बड़ा दांव खेला है। बगावत के बाद अजित पवार ने पार्टी का पहला अधिवेशन बुलाया है। अजित पवार गुट का राज्य स्तरीय सम्मेलन आगामी 30 और 1 तारीख को होगा।
कर्जत में होगा सम्मेलन
अजित पवार ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में पार्टी सम्मेलन और सभा करने का फैसला किया है। आगामी 30 और 1 तारीख को कर्जत में दो दिवसीय सम्मेलन और सभा होगी। इस सम्मेलन में प्रदेश भर से मराठा समाज के पदाधिकारी आएंगे। सत्र में राज्य के सभी विधायक, सांसद और प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। सम्मेलन के जरिए अजित पवार अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करेंगे। सम्मेलन में अजित पवार मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
अजित पवार दिल्ली जाएंगे
बताया जा रहा है कि अजित पवार गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार आज से नई दिल्ली में चुनाव आयोग के समक्ष होने वाली सुनवाई में शामिल होंगे। असली एनसीपी कौन सी है। इसकी सुनवाई आज से तीन दिनों तक चुनाव आयोग में होगी। उधर, शरद पवार भी इस सुनवाई के लिए दिल्ली में पेश होंगे। 2 नवंबर को चुनाव आयोग के सामने सुनवाई हुई थी।
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इस सुनवाई के समय दोनों समूहों की ओर से दलीलें पेश की गई थी। शरद पवार गुट ने आरोप लगाया था कि अजित पवार गुट की ओर से गलत हलफनामा दिया गया है।
