मुंबई: नागपुर जिला बैंक घोटाला मामले में अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद पूर्व मंत्री सुनील केदार को एक और झटका लगा है। कांग्रेस नेता सुनील केदार की अब विधायकी भी रद्द कर दी गई है। नागपुर जिला बैंक घोटाला मामले में शुक्रवार को नागपुर सत्र न्यायालय ने कांग्रेस विधायक सुनील केदार को 5 साल कैद और 12.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद अब पूर्व मंत्री सुनील केदार की विधायकी रद्द कर दी गई है।
अदालती आदेश के बाद नागपुर पुलिस ने कोर्ट का आदेश विधानसभा को भेज दिया था। जिसके बाद सुनील केदार की विधायकी का फैसला विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर इसके बाद कांग्रेस नेता को लेना था। लिहाजा आज पूर्व मंत्री सुनील केदार की विधायकी रद्द कर दी गई है।
6 आरोपियों को सजा
राज्य के पूर्व पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री सुनील केदार को नागपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (एनडीसीसी) में करोड़ों रुपये के सरकारी बांड घोटाले में दोषी ठहराया गया है। इस मामले में कोर्ट ने कुल छह आरोपियों को सजा सुनाई थी। जबकि बाकी तीन आरोपियों को बरी कर दिया था।
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जब बैंक में घोटाला हुआ तब वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुनील केदार बैंक के चेयरमैन थे। कुल 11 आरोपियों में से 9 पर धारा 406 , 409, 468, 471, 120-बी और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब इस मामले में सजा सुनाई गई है।
एक देश में दो कानून क्यों?
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे ने सुनील केदार के मुद्दे पर कहा कि एक देश में दो कानून चल रहे हैं। खासतौर पर कांग्रेस के विधायकों और सांसदों के लिए तो ऐसा ही नजर आ रहा है। उन्होंने मुजफ्फरनगर के विधायक विक्रम सैनी और गुजरात से सांसद रहे नारायण काछरिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन्हें पर भी दो साल से ज्यादा की सजा हुई थी लेकिन उन्हें डिस्क्वालिफाई नहीं किया गया। उन्हें अपील का मौका मिला लेकिन कांग्रेस के नेताओं के साथ ऐसा नहीं हो रहा है।
