मुंबई: पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस के नेता संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) अपने एक बयान की वजह से विवादों में आ गए हैं। संजय निरुपम ने अपने एक्स अकाउंट पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर जोशी (Manohar Joshi) को लेकर एक पोस्ट किया था। हालांकि, इस पोस्ट पर बीजेपी नेता और उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पाण्डेय (Sanjay Pandey) ने निरुपम पर निशाना साधा है। आइए आपको बताते हैं संजय निरुपम का वो विवादित बयान। दरअसल संजय पाण्डेय ने कांग्रेस नेता संजय निरुपम के उस बयान की आलोचना की है जिसमें निरुपम ने मनोहर जोशी को भीख मांग कर पढ़ाई करने की बात कही है।
संजय पाण्डेय का कहना है कि मनोहर जोशी ने संघर्ष किया है। उनके परिश्रम और मेहनत को भीख मांगना बोलना एकदम गलत है। संजय निरुपम कुंठित हो गए हैं इसलिए कुछ भी बोल रहे हैं। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी हम सभी के लिए आदरणीय थे और रहेंगे।
बता दें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी का बीते शुक्रवार की सुबह निधन हो गया है। इस पर पूर्व शिवसेना नेता और वर्तमान कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने X पर लिखा कि ‘मनोहर जोशी कोंकण के एकदम गरीब परिवार से थे। मुंबई में घर-घर जाकर भीख माँग के उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। शिक्षक बने। कोहिनूर कोचिंग संस्थान शुरू किया।
सामान्य परिवार से कोई भी व्यक्ति जीवन में बड़ा होने के हेतु किसीसे कोई मदद माँगे, तो उसे भीख नहीं जीवनसंघर्ष कहा जाता है | नहीं तो मात्र सत्ता पाने के लिए पार्टी छोड़ने वाले भी भिखारी ही कहलायेंगे | आपकी हेतु पर शंका नहीं, लेकिन शब्दप्रयोग यहाँ ग़लत हुआ है |कृपया उसे सुधारे… https://t.co/Wjl57MYsNx
— Dr. Sanjay Pandey (@BJPSanjayPandey) February 24, 2024
एक चिट्ठी पर मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया
निरुपम के इस बयान की आलोचना करते हुए संजय पाण्डेय ने कहा कि मनोहर जोशी सामान्य गरीब कोंकण ब्राह्मण परिवार से थे। जीवन में उन्होंने संघर्ष किया, मेहनत की। वे मुंबई के महापौर बने, राज्य के मुख्यमंत्री बने, लोकसभा और राज्यसभा संसद के दोनों सदनों के सदस्य रहे, केंद्र में मंत्री रहे। दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में लोकसभा अध्यक्ष रहे। ‘सर’ नाम से मशहूर जोशी सर के संघर्ष को भीख मांगना बोलना पूरी तरह से गलत है।
भीख मांगना अपमान करने जैसा है। सामान्य परिवार से कोई भी व्यक्ति जीवन में बड़ा होने के लिए किसी से कोई मदद माँगे, तो उसे भीख नहीं जीवन संघर्ष कहा जाता है। नहीं तो मात्र सत्ता पाने के लिए पार्टी छोड़ने वाले भी भिखारी ही कहलायेंगे।
Manojar Joshi : महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी का 86 वर्ष की आयु में निधन
महाराष्ट्र बीजेपी उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पाण्डेय ने कहा कि जोशी सर ऐसे थे जिन्होंने बालासाहेब ठाकरे के महज एक चिट्ठी पर मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया। वहीं एक निरुपम हैं जिन्हें बालासाहेब ने राज्यसभा नहीं भेजा तो शिवसेना छोड़ दी। जिस कांग्रेस को पानी पीकर गाली देते थे, सोनिया गांधी को बार बाला बोले थे उसी कांग्रेस की गोदी में बैठ गए।
