Haryana Politics: लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ी सियासी घटना घटी है। एक छोटे लेकिन अहम राज्य में बीजेपी के एक मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली से सटे हरियाणा में बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। हरियाणा में बीजेपी की सरकार है लेकिन यहां के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के बीच गठबंधन टूट गया है। आगामी लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे के मुद्दे पर इस गठबंधन के टूटने की खबर है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ-साथ उनकी कैबिनेट ने भी इस्तीफा दे दिया है। मनोहर लाल खट्टर के इस्तीफे बाद किसकी सरकार बनेगी? यह बड़ा सवाल है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि सरकार तो बीजेपी ही बनाएगी।
नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आज शाम 5 बजे होगा। सूत्रों के मुताबिक नई बीजेपी सरकार में नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। नायब सैनी को विधायक दल का नेता चुना गया है। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि अनिल विज को उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि जेजेपी के 4 से 5 विधायक टूटकर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
बीजेपी को जेजेपी की जरूरत नहीं है!
हरियाणा के सियासी माहौल को देखते हुए यह कहा जा रहा है कि बीजेपी को जेजेपी की जरूरत नहीं है। वे उनके बिना भी सरकार बना सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी कई महीनों से जेजेपी से अलग होना चाहती थी लेकिन दुष्यंत चौटाला तैयार नहीं हुए। अमित शाह, जेपी नड्डा और प्रभारी बिप्लब देब ने कहा कि बीजेपी राज्य में दस सीटों पर चुनाव लड़कर जीत हासिल करेगी। सोमवार को दुष्यंत चौटाला ने जेपी नड्डा से मुलाकात की और 2 लोकसभा सीटें हिसार,भिवानी-महेंद्रगढ़ मांगीं। गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी स्वतंत्र विधायकों के समर्थन से हरियाणा में आराम से सरकार बना सकती है.
