मुंबई: कुर्ला में जमीन हेराफेरी मामले से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर आए एनसीपी नेता नवाब मलिक (Nawab Malik) की तबीयत बिगड़ गई है। फिलहाल वह मेडिकल कारणों से जमानत पर जेल से बाहर हैं। शनिवार दोपहर को नवाब मलिक की हालत बिगड़ने की जानकारी उनकी बेटी सना मलिक ने दी है। इसके बाद से उन्हें कुर्ला (Kurla) के एक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की एक टीम उनकी हालत पर नजर रख रही है। सांस लेने में दिक्कत होने पर वह अस्पताल आए थे। मलिक का अब कुर्ला के क्रिटी केयर सेंटर अस्पताल में इलाज चल रहा है।
ईडी द्वारा गिरफ्तार, फिलहाल मेडिकल बेल पर
नवाब मलिक को ईडी ने 23 फरवरी 2022 को गिरफ्तार किया था। नवाब मलिक को अंडरवर्ल्ड दाऊद इब्राहिम से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। दाऊद इब्राहिम के साथ वित्तीय लेनदेन और उसकी बहन के साथ भूमि लेनदेन के संबंध में ईडी द्वारा उनकी जांच की जा रही थी। इसी वजह से ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद वह कई दिनों तक जेल में रहे। कुछ महीने पहले उन्हें मेडिकल आधार पर जमानत दी गई थी।
Mumbai | Former Maharashtra Minister Nawab Malik admitted to a hospital in Kurla after he complained of difficulty in breathing, confirms his daughter.
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— ANI (@ANI) March 30, 2024
देवेंद्र फडणवीस द्वारा लिखा गया एक पत्र
एनसीपी में बगावत के बाद नवाब मलिक अजित पवार के साथ नजर आए थे। हालांकि, विपक्ष द्वारा महाराष्ट्र सरकार को घेरे जाने के बाद बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने नवाब मलिक का अजित पवार गुट में शामिल होने का विरोध किया था। उन्होंने एक्स पर लिखा था कि सत्ता आती है जाती लेकिन सत्ता से ज्यादा देश महत्वपूर्ण होता है। फडणवीस ने कहा था कि जिस तरह से मलिक पर आरोप लगा है। उसे देखते हुए उन्हें महागठबंधन में शामिल करना उचित नहीं होगा।
