मुंबई: गुरुवार की शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के लिए थोड़ी सुकून भरी साबित हुई है। दरअसल मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) के लिए भूख हड़ताल पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने अपनी भूख हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। सरकार की ओर से भेजा गया प्रतिनिधिमंडल उन्हें मनाने में कामयाब रहा। जरांगे पाटिल के फैसले के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘मैं अनशन वापस लेने के लिए जरांगे पाटिल का आभारी हूं।’ सरकार की बात का सम्मान करने के लिए मराठा समाज को धन्यवाद। एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल और एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने जरांगे पाटिल के साथ चर्चा की है।
मैंने स्वयं उनसे फोन पर चर्चा की है। सरकार स्थायी आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मराठवाड़ा में कुनबी प्रमाण पत्र दे रहे हैं क्योंकि कुनबी रिकॉर्ड मिल रहे हैं। जिनका रिकार्ड मिल जाएगा, उन्हें कुनबी प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा।
सरकार स्थायी आरक्षण देना चाहती है
एकनाथ शिंदे ने कहा कि कुछ और कुनबी प्रमाणपत्र उपलब्ध होंगे। बड़ी संख्या में दस्तावेज मिल रहे हैं, यह एक अच्छी चीज है। ये आइडिया जरांगे पाटिल को दिया गया है। सरकार स्थायी आरक्षण देना चाहती है, इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संभवत: पहली बार होगा जब किसी विरोध स्थल पर कानूनी विशेषज्ञ मिलने जा रहे हैं।
सरकार ईमानदारी से काम कर रही है
जरांगे पाटिल को यकीन है कि सरकार ईमानदारी से काम कर रही है। उन्हें पूर्व जस्टिस शिंदे की कमेटी पर भी भरोसा है। शिंदे समिति अच्छा काम कर रही है। उन्हें जरूरी सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं। इस काम में सरकार किसी भी तरह की देरी नहीं करेगी। उन्होंने दो महीने का समय दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हम अन्य समुदायों के साथ अन्याय किए बिना काम करना चाहते हैं।
कानून के दायरे में आरक्षण के लिए काम
सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि हम क्यूरेटिव पिटीशन पर भी काम कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए जो टिप्पणी की। उस पर एक कमेटी भी काम कर रही है। कोर्ट ने खिड़की खोल दी है। हम समिति के सहयोग से काम कर रहे हैं। सभी कमियों को दूर किया जा रहा है। शिंदे ने कहा कि हम कानून के दायरे में आरक्षण देने के लिए काम कर रहे हैं।
हम शिंदे समिति को अतिरिक्त जनशक्ति उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में देखा जाएगा कि दो महीने में ज्यादा से ज्यादा लोगों को कुनबी सर्टिफिकेट मिल जाए। सीएम ने कहा कि इस दौरान किसी को भी आत्महत्या नहीं करनी चाहिए। सभी को धैर्य रखना चाहिए। आंदोलन के दौरान हिंसक प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, धरना देकर विरोध करने वालों के खिलाफ मामले वापस ले लिए जाएंगे।
