दिल्ली: एनसीपी के लिए आज अहम दिन है। शरद पवार द्वारा स्थापित की गई एनसीपी पर वास्तव में किसका अधिकार है। इस पर चुनाव आयोग में आज सुनवाई होगी। आज दोपहर चार बजे केंद्रीय चुनाव आयोग के सामने यह अहम सुनवाई होगी। इस सुनवाई पर एनसीपी के दोनों गुट ध्यान दे रहे हैं।
सुनवाई में कौन शामिल होगा?
जिस एनसीपी की स्थापना शरद पवार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर की थी। कुछ महीने पहले एक गुट उस पार्टी से अलग हो गया और अब उन्होंने इस एनसीपी पर ही दावा ठोंक दिया है। इसके बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर पार्टी पर किसका अधिकार है। केंद्रीय चुनाव आयोग में मे होने वाली इस सुनवाई में शरद पवार के साथ बारामती से सांसद सुप्रिया सुले और विधायक जितेंद्र आव्हाड भी शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक अजित पवार गुट से कोई भी मौजूद नहीं रहेगा।
जब अजित पवार विधानसभा में विपक्ष के नेता थे तब उन्होने बीजेपी के साथ जाने का फैसला किया था। अजित पवार गुट के कुछ नेताओं ने शिंदे-बीजेपी सरकार में मंत्री के तौर पर शपथ ली। कुछ दिनों बाद उन्होंने एनसीपी के खिलाफ दावा दायर किया। इसके बाद अब चुनाव आयोग के समक्ष सुनवाई चल रही है।
…तो हम कोर्ट जाएंगे
इस मामले में अजित पवार गुट ने विधानसभा अध्यक्ष से 1 महीने का समय मांगा है। अजित पवार गुट द्वारा समय सीमा मांगे जाने पर शरद पवार गुट के शहर अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने जमकर निशाना साधा है। जगताप ने कहा कि चार महीने पहले अलग होकर सत्ता में शामिल होने वाले अब अपने अस्तित्व को साबित करने के लिए समय मांग रहे हैं। अब महाराष्ट्र को खुद पता चल जाएगा कि असली एनसीपी कौन हैं।
जो समय सीमा मांग रहे हैं, वह अवैध है। विधानसभा अध्यक्ष उन्हें किसी भी नियम के तहत मोहलत नहीं दे सकते। क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष को इन सभी मामलों में 31 जनवरी तक अंतिम फैसला लेना है। प्रशांत जगताप ने चेतावनी दी है कि अगर समय दिया गया तो हम कोर्ट जाएंगे।
