बीजिंग. साउथ चाइना मतलब दक्षिण चीन सागर में एक बार फिर चीन और फिलीपींस भिड़ गए हैं. चीन के तट रक्षक ने कहा है कि सोमवार को दक्षिण चीन सागर में विवादित स्प्रैटली द्वीप समूह के पास एक चीनी जहाज और फिलीपीन सप्लाई शिप की टक्कर हो गई. चीन ने कहा है कि फिलीपीन का जहाज सेकंड थॉमस शोल में के पास पानी में घुस गया. दरअसल सेकंड थॉमस शोल को फिलीपींस में आयुंगिन और चीन में रेनाई रीफ के नाम से जाना जाता है. 200 समुद्री मील का ये इलाका दुनिया के सबसे व्यस्ततम कारोबारी रास्तों में से एक है. चीन ने आरोप लगाया है कि बार बार दी गई गंभीर चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया. चीन ने इसके लिए फिलीपींस को ही पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है.
घटनाक्रम की वजह से ये आशंका पैदा हो गई है कि चीन और अमेरिका में सैन्य टकराव की स्थिती बन सकती है. अमेरिका फिलीपींस के लंबे समय से संधि सहयोगी रहा है. वाशिंगटन इस समुद्री मार्ग पर कोई क्षेत्रीय दावा नहीं करता है, लेकिन उसने चेतावनी दी है कि अगर फिलिपिनो सेना, जहाज और विमान दक्षिण चीन सागर में सशस्त्र हमले में आते हैं तो वह फिलीपींस की रक्षा करने के लिए बाध्य है.
फिलीपींस का कहना है कि शोल, जो उसके तट से 200 समुद्री मील (370 किलोमीटर) से भी कम दूरी पर है, उसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विशेष आर्थिक क्षेत्र में आता है. फिलीपींस अक्सर 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले का हवाला देता है जिसने ऐतिहासिक आधार पर दक्षिण चीन सागर में चीन के व्यापक दावों को अमान्य कर दिया है. हाल ही के महीनों में शोल के पास कई घटनाएं हुई हैं.
साउथ चाइना सी हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच है. इंडोनेशिया और वियतनाम के बीच पड़ने वाला ये समुद्री इलाका 35 लाख वर्गकिलोमीटर में फैला है. ये इलाका चीन, ताइवान, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया, ब्रूनेई और फिलीपीन्स से घिरा हुआ है. इंडोनेशिया के अलावा बाकी सभी देश इलाके के किसी न किसी हिस्से को अपना कहते हैं. यहां करीब 250 छोटे-बड़े द्वीप हैं और लगभग सभी द्वीप निर्जन हैं. आर्थिक, सामरिक और ऐतिहासिक कारणों से इस पर कई देश अपना दावा ठोकते हैं.
कुछ साल पहले तक दक्षिणी चीन सागर को लेकर इतनी तनातनी नहीं थी. लेकिन सालों पहले चीन के समंदर में खुदाई करने वाले जहाज, ईंट और पत्थर लेकर दक्षिणी चीन सागर पहुंचे. साल 2022 में फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के फिलीपींस की सत्ता में आने के बाद से ही दक्षिण चीन सागर में चीन से तनाव ज्यादा ही बढ़ गया है. मार्कोस की सरकार आने के बाद से अब तक फिलीपींस कई बार दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता को लेकर राजनियक विरोध दर्ज करा चुका है. वहीं चीन दावा करता है कि दक्षिणी चीन सागर से उसका दो हजार साल पुराना ताल्लुक है.
