पणजी: अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रगतिशील विकास के लिए प्रसिद्ध गोवा अब शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व में राज्य सरकार उच्च शिक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए शैक्षणिक नेतृत्व, अनुसंधान और संस्थागत क्षमता निर्माण पर विशेष बल दे रही है।
इसी दिशा में उच्च शिक्षा निदेशालय (DHE) ने 9 से 13 मार्च तक “अकादमिक लीडरशिप प्रोग्राम (ALP), सीरीज़ IV” का आयोजन किया। यह कार्यक्रम गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GIM) के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के विभिन्न संस्थानों से 34 वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया।
पाँच दिवसीय कार्यक्रम में नेतृत्व और नवाचार पर फोकस
यह पाँच दिवसीय आवासीय कार्यक्रम एक इमर्सिव लीडरशिप अनुभव के रूप में तैयार किया गया था। इसमें 15 से अधिक सत्रों, समूह गतिविधियों और प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों को शैक्षणिक प्रशासन, रणनीतिक योजना और संस्थागत प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का संचालन और मार्गदर्शन अनुभवी विशेषज्ञों जैसे अजीत परुलेकर, नियन मार्चन, वेंकटेश नागा तथा एन. परमेश्वरन द्वारा किया गया।
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क्षमता निर्माण और नेटवर्किंग पर विशेष जोर
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में क्षमता निर्माण, आपसी सीख और पेशेवर नेटवर्किंग पर विशेष फोकस रहा। विभिन्न संस्थानों से आए शिक्षकों के बीच संवाद और अनुभव साझा करने से न केवल व्यावहारिक समस्याओं के समाधान मिले, बल्कि भविष्य के लिए शैक्षणिक सहयोग के नए अवसर भी विकसित हुए।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की शिक्षा पर चर्चा
तेजी से बदलते शिक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जनरेटिव एआई जैसे विषयों को शामिल किया गया। साथ ही नैतिक नेतृत्व, सहनशीलता और पारस्परिक कौशलों पर आधारित सत्रों ने प्रतिभागियों को समग्र नेतृत्व के लिए तैयार किया।
राष्ट्रीय पहलों से जुड़ा कार्यक्रम
यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय के नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम (NFLP) की भावना “हर व्यक्ति एक नेता है” के अनुरूप है। साथ ही यह मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (MMTTP) से भी जुड़ा हुआ है, जो उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
प्रतिभागियों ने बताया प्रेरणादायक अनुभव
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की डॉ. प्रतिज्ञा अजावन ने कहा कि यह कार्यक्रम सीखने और सहयोग का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ।
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कार्यक्रम के समापन के साथ प्रतिभागी शिक्षक अपने-अपने संस्थानों में उन्नत नेतृत्व कौशल, व्यापक दृष्टिकोण और मजबूत पेशेवर नेटवर्क के साथ लौटेंगे।
“अकादमिक लीडरशिप प्रोग्राम” जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि शिक्षकों और शैक्षणिक नेतृत्व में निवेश कर मजबूत, नवाचारी और भविष्य के लिए तैयार उच्च शिक्षा प्रणाली का निर्माण किया जा सकता है।
