चंडीगढ़। हरियाणा में वरिष्ठ नेता किरण चौधरी और उनकी बेटी श्रुति चौधरी सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा में शामिल हो गईं। भाजपा कार्यालय पहुंची श्रुति ने कहा, आज यहां लहर है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा की राज्य और देश को आगे ले जाने की नीतियां हैं, लोग बार-बार प्रधानमंत्री चुन रहे हैं, यह अपने आप में इस बात का सबूत है कि भाजपा की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन कैसे बढ़ रही है। हम सभी यहां भाजपा को मजबूत करने के लिए हैं। हम आगे की ओर देख रहे हैं। कांग्रेस को राज्य विधानसभा चुनाव से पहले यह बड़ा झटका लगा है। हरियाणा में इस साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। किरण हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की बहू हैं। उन्हें वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का धुरंधर माना जाता है।
मंगलवार को दोनों मां-बेटी ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे अपने अलग-अलग त्यागपत्र में उन्होंने हुड्डा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की राज्य इकाई को निजी जागीर की तरह चलाया जा रहा है। श्रुति कांग्रेस की हरियाणा इकाई की कार्यकारी अध्यक्ष भी थीं। भिवानी जिले के तोशाम से मौजूदा विधायक किरण ने कहा कि उन्होंने और पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने भी भगवा पार्टी के साथ ही अपनी यात्रा शुरू की थी।
किरण ने कांग्रेस के साथ अपना चार दशक पुराना रिश्ता खत्म कर दिया। किरण और श्रुति के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से सत्तारूढ़ पार्टी ने महत्वपूर्ण हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस में बड़ी सेंध लगाई है। खड़गे को लिखे अपने त्यागपत्र में 69 वर्षीय किरण चौधरी ने लिखा है कि हरियाणा कांग्रेस को “निजी जागीर” के रूप में चलाया जा रहा है, जबकि श्रुति चौधरी ने हुड्डा की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य इकाई एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जिसने अपने स्वार्थी और क्षुद्र हितों के लिए पार्टी के हितों से समझौता किया है।
