वॉशिंगटन। खालिस्तानी आतंकवादी और अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिकी धरती पर हत्या की साजिश में आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 52 वर्षीय गुप्ता को ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। बताया जाता है कि ये एक संघीय प्रशासनिक हिरासत केंद्र है। रिपोर्ट में बताया गया कि अन्य सूत्र ने भी गुप्ता के प्रत्यर्पण और ब्रुकलिन में उनकी हिरासत की पुष्टि की। पिछले महीने, चेक गणराज्य की एक अदालत ने निखिल गुप्ता की अमेरिका भेजे जाने से बचने की याचिका खारिज कर दी थी, जिससे चेक गणराज्य के न्याय मंत्री के लिए उसे प्रत्यर्पित करने का रास्ता साफ हो गया था।
पन्नू की हत्या की साज़िश में शामिल होने के आरोप में गुप्ता को पिछले साल 30 जून को चेक गणराज्य में गिरफ़्तार किया गया था। अमेरिकी संघीय अभियोजकों के अनुसार गुप्ता को अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए एक हत्यारे को किराए पर लेने की साज़िश में फंसाया गया जो कथित तौर पर एक भारतीय सरकारी अधिकारी के निर्देश पर किया गया था। निखिल गुप्ता का प्रत्यर्पण अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन की वार्षिक आईसीईटी वार्ता के लिए नई दिल्ली यात्रा से पहले हुआ है। उम्मीद है कि सुलिवन इस मामले को अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल के समक्ष उठाएंगे।
भारत ने पन्नू हत्या की साजिश में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है और अमेरिका के आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की है। निखिल गुप्ता ने भी अपने वकील के माध्यम से आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उन पर अनुचित आरोप लगाए गए हैं। गुरपतवंत सिंह पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है और वह आतंकवाद के आरोपों में भारत में वांछित है। उसे केंद्रीय गृह मंत्री ने सख्त आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित किया है।
