पटना। भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए की सरकार फिर से केंद्र में बनी है। नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली है। अब 18वीं लोकसभा का अध्यक्ष कौन होगा? इस पर बहस छिड़ी हुई है। इसको लेकर सियासत गरमा रही है। बता दें कि लोकसभा स्पीकर के लिए 26 जून को चुनाव होना है। विपक्षी गठबंधन ने इस पद के लिए चुनाव से पहले बड़ी मांग की है तो एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भाजपा के प्रमुख सहयोगियों टीडीपी और जदयू की नजरें लोकसभा स्पीकर की कुर्सी पर हैं। इन कयासों और अटकलों की उबलती गर्मी के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता केसी त्यागी ने इंडी गठबंधन की आलोचना की और बताया कि पहले कुर्सी का हकदार सत्तारुढ़ दल है।
लोकसभा स्पीकर के चुनाव पर केसी त्यागी ने कहा, लोकसभा स्पीकर का पद सदन का सबसे गरिमापूर्ण पद होता है। उस पद पर पहला अधिकार सत्तारूढ़ दल का है। इंडी गठबंधन की मांगे बेमतलब के और आपत्तिजनक हैं। उन्होंने कहा, हम मानते हैं कि भाजपा एनडीए की बड़ी पार्टी है। उस पद पर भाजपा या एनडीए का पहला अधिकार है। मैं पिछले 35 सालों से एनडीए में हूं। भाजपा ने कभी जनता दल को तोड़ने की कोशिश नहीं की। टीडीपी और जदयू ने अहम भूमिका निभाई है। मगर हम एनडीए को कमजोर करने की कोशिश कभी नहीं करेंगे।
कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि विपक्षी पार्टी भी स्पीकर पद के लिए अपना उम्मीदवार उतार सकती हैं। हालांकि, विपक्षी पार्टियों का कहना है कि अगर सत्तारूढ़ पार्टी उन्हें डिप्टी स्पीकर का पद देता है तो वे स्पीकर के चुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। मगर सदन के सदस्य उम्मीदवारों के समर्थन में प्रस्ताव के लिए एक दिन पहले दोपहर 12 बजे तक नोटिस दे सकते हैं। इसको लेकर लोकसभा की तरफ से जारी एक बुलेटिन भी जारी किया गया है।18वीं लोकसभा की पहली बैठक 24 जून को होगी और सत्र तीन जुलाई को खत्म होगा।
