बेंगलुरु: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि बेंगलुरु सहित विभिन्न स्थानों पर दस हजार से अधिक बांग्लादेशी अवैध रूप से बस गए हैं। हाल ही में एनआईए के अधिकारियों ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी अवैध रूप से बांग्लादेशी प्रवासियों को शहर में ला रहे थे। पूछताछ में यह भी पता चला था कि दस हजार से ज्यादा प्रवासी बांग्लादेशी बेंगलुरु समेत कई जगहों पर अवैध रूप से बस गए हैं। इसके बाद एनआईए ने स्थानीय पुलिस की मदद से जांच तेज कर दी है।
दो दिन पहले, एनआईए अधिकारियों ने बेंगलुरु और उसके बाहरी इलाके में रहने वाले बांग्लादेशी प्रवासियों पर छापेमारी की। तब उन्हें अवैध रूप से शहर में लाने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया। अब तक की जांच में दस हजार से अधिक लोगों के अवैध तरीके से काम करने का मामला प्रकाश में आया है।
44 जगहों पर छापेमारी की गई
हाल में एनआईए अधिकारियों ने कर्नाटक सहित 10 राज्यों में 44 स्थानों पर छापेमारी की और गिरफ्तार लोगों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पेन ड्राइव, दस्तावेज, आधार कार्ड और नकदी जब्त की। यह छापेमारी शहर के सोलादेवनहल्ली, केरपुर, बेलंदूर, बैयप्पनहल्ली, डोड्डाबल्लापुर, होसकोटे, अनेकल सहित 15 स्थानों पर की गई।
छापेमारी में एनआईए को मिले आधार कार्ड
एनआईए की छापेमारी के दौरान अधिकांश अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के पास आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र पाए गए। इसलिए एनआईए इस बात की जांच कर रही है कि यह पहचान पत्र किसने बनाया और इसके पीछे कौन है।
लूट और डकैती करने की साजिश!
आशंका है कि आरोपियों ने अवैध रूप से बांग्लादेशी प्रवासियों को लाकर लूट की वारदात को अंजाम देने की साजिश रची थी। यह भी शक है कि कुछ लोगों को डकैती का भी प्रशिक्षण दिया गया था। कुछ महिलाओं को वेश्यावृत्ति के धंधे में लाने की भी योजना थी। इन तमाम जानकारियों के बाद पूरे मामले की जांच और भी तेज कर दी गई है।
