LPG Gas Crisis: देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार संकट में आ गया है। कई होटल मालिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गैस सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उन्हें अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ सकते हैं। वहीं महाराष्ट्र के संभाजीनगर में भी सिलेंडर के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
मुंबई में होटल कारोबार पर सीधा असर
मुंबई में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। होटल संचालकों का कहना है कि गैस की सप्लाई कम होने के कारण कई किचन चलाना मुश्किल हो गया है।
कुछ छोटे और मध्यम आकार के होटल मालिकों का दावा है कि उनके पास गैस का स्टॉक बहुत सीमित रह गया है। ऐसी स्थिति में कई होटल अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत आ गई है और कुछ ने मेन्यू तक सीमित करना शुरू कर दिया है।
बेंगलुरु में भी होटल बंद करने की चेतावनी
आईटी सिटी बेंगलुरु में भी कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को लेकर होटल उद्योग चिंता जता रहा है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। कई प्रतिष्ठानों के पास केवल एक-दो दिन का गैस स्टॉक बचा है। यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो उन्हें अपने होटल और रेस्टोरेंट बंद करने पड़ सकते हैं, जिससे हजारों कर्मचारियों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है।
संभाजीनगर में सिलेंडर के लिए लंबी कतारें
महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के वालुज MIDC क्षेत्र में गैस की कमी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें कई-कई घंटे तक धूप में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। घरेलू उपयोग के साथ-साथ छोटे व्यवसाय भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय हालात भी बन रहे हैं वजह?
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भी ऊर्जा सप्लाई पर पड़ सकता है। अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़े तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस की सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है।
भारत अपनी बड़ी एलपीजी जरूरत खाड़ी देशों से आयात करता है और यह सप्लाई समुद्री रास्तों से आती है। ऐसे में यदि उस क्षेत्र में तनाव या संघर्ष बढ़ता है तो गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भारत में कमर्शियल गैस की उपलब्धता पर पड़ना स्वाभाविक है।
कमर्शियल गैस की मांग भी बनी चुनौती
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट मुख्य रूप से 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं। कुछ क्षेत्रों में मांग बढ़ने और वितरण में देरी के कारण भी गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। इससे होटल इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
होटल इंडस्ट्री ने सरकार से की दखल की मांग
होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने सरकार और तेल कंपनियों से कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई जल्द सामान्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई शहरों में बड़े पैमाने पर होटल बंद होने की नौबत आ सकती है।
एलपीजी गैस की कमी ने फिलहाल मुंबई, बेंगलुरु और संभाजीनगर जैसे शहरों में चिंता बढ़ा दी है। जहां एक तरफ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित हो रहा है, वहीं आम लोगों को भी सिलेंडर के लिए लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई व्यवस्था जल्द सामान्य नहीं हुई और अंतरराष्ट्रीय हालात भी तनावपूर्ण बने रहे तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गहरा सकती है।
