मुंबई: महाराष्ट्र के एक गांव को आतंकी सीरिया बनाने की पूरी तैयारी में थे। आतंकवादियों का मंसूबा जिहाद के नाम पर भारत को दहलाने का था, आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का था। सीरिया की तरह भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के लिए आईएसआईएस ने इसी गांव से काम शुरू किया था। धीरे-धीरे इस गांव में सभी आतंकवादी इकट्ठा होने लगे थे। सभी राज्यों में लोकल सेल बनाकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था। इसके लिए इन लोगों ने ठाणे जिले के पडघा गांव को चुना था। इन आतंकियों ने गांव को ‘स्वतंत्र’ घोषित कर दिया था। उन्होंने गांव का नाम बदलकर ‘अल शाम’ कर दिया गया था। फिर देशभर से जिहादी युवाओं को इस गांव में लाकर उन्हें आतंकवाद की ट्रेनिंग देने की खतरनाक योजना बनाई गई थी। यह जानकारी एनआईए की जांच में सामने आई है।
पडघा से 15 लोग गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को पुणे, मुंबई और ठाणे जिलों में एक साथ छापेमारी की। छापेमारी में आतंकियों की भयानक साजिश का खुलासा हुआ। इस मामले में भिवंडी के पडघा गांव से 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें घाटकोपर ब्लास्ट का मुख्य आरोपी साकिब नाचन भी शामिल है। उनके बेटे शमील नाचन और भाई आकिब नाचन को गिरफ्तार किया गया। साकिब नाचन 2002 और 2003 के मुंबई बम धमाकों का आरोपी है। उन्हें दस साल की सज़ा सुनाई गई थी। एनआईए को जानकारी मिली थी कि जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से सक्रिय हो गया है।
ड्रोन हमले की योजना थी
आतंकियों ने मुंबई समेत देश के कई जगहों पर जाकर रेकी की थी। इन लोगों को विदेश से पैसा मिल रहा था। उनकी योजना भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ड्रोन से हमला करने की थी। उन्हें ड्रोन हमलों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा था। साकिब नाचन संगठन में शामिल लोगों को ‘बेथ’ यानी आईएसआईएस के प्रति निष्ठा की शपथ दिला रहा था। एनआईए के ऑपरेशन के बाद आईएसआईएस के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है। एनआईए की ओर से की गई इस कार्रवाई से महाराष्ट्र में एक बार फिर आईएसआईएस मॉड्यूल को ध्वस्त किया गया।
