मुंबई: अजित पवार गुट की एनसीपी का दो दिवसीय चिंतन शिविर मुंबई से सटे कर्जत में शुक्रवार को संपन्न हुआ। समापन के दिन अजित पवार ने हाल में मौजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के बीच शरद पवार और उनके गुट के नेताओं पर जमकर शब्दों के तीर चलाए। इस दौरान अजित पवार बगावत को लेकर कई अहम खुलासे करते हुए कहा कि वो जबान के पक्के आदमी हैं।
कर्जत में शरद पवार के साथ अपनी मुलाकात को लेकर अजित पवार ने बड़ा खुलासा किया है। अजित पवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमें लगातार नजरअंदाज किया गया। इन बातों की जानकारी प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे समेत कुछ नेताओं को थी।
इसे भी पढ़ें: अघाड़ी और मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा खुलासा, पृथ्वीराज चव्हाण पर सुनील तटकरे के आरोप जानिए
अजित पवार ने देवगिरि बंगले का किस्सा सुनाया
अपने भाषण में अजित पवार ने उनके देवगिरि बंगले का किस्सा भी सुनाया। विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि एनसीपी के बड़े नेता देवगिरी आए थे। वहां आगे क्या करना है और शरद पवार को यह कैसे बताना है, इस पर चर्चा हुई। इसलिए सुप्रिया सुले को सीधे मेरे घर बुलाया गया और उन्हें पूरी बात बताई गई।
इसे भी पढ़ें: मुंबई में एनसीपी की ताकत बढ़ाने में जुटे अजित पवार, एक दिन में हुई ये नियुक्तियां
असल में अजीत पवार के घर पर एनसीपी के 9 नेताओं ने सत्तारूढ़ बीजेपी-शिवसेना में शामिल होने के फैसले के बारे में सुप्रिया सुले को बताया था। जिस पर सुप्रिया सुले ने कहा कि मुझे कुछ समय दीजिए मैं साहेब (शरद पवार) को समझाती हूं
इसे भी पढ़ें: दादा ने जो कहा वो सच, आदमी को इतना… अजित पवार के खुलासे पर क्या बोले हसन मुश्रीफ?
इस बीच सुप्रिया सुले को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए भी सभी तैयार थे। अजित पवार ने कहा कि हमने 2 जुलाई को शपथ ली थी। बाद में शरद पवार ने हमें मिलने के लिए बुलाया था। लेकिन अगर आपको हमारा 2 जुलाई को लिया गया फैसला पसंद नहीं आया तो फिर हमें क्यों बुलाया?
