मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. फिलहाल राज्य के सियासी गलियारों में यह चर्चा आम है. दरअसल देवेंद्र फडणवीस ने पिछली सरकार (एकनाथ शिंदे) में स्वास्थ्य मंत्री रहे तानाजी सावंत द्वारा जारी किए गए 3200 करोड़ रुपए के कार्यों पर रोक लगा दी है. आरोप है कि तानाजी सावंत द्वारा ऐसी कंपनी को साफ सफाई का ठेका दिया गया था जिसे कोई अनुभव नहीं था. सरकार का यह फैसला एकनाथ शिंदे और उनकी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रह है. इस मुद्दे पर दोनों पार्टियों के बीच खींचतान शुरू है.
शिंदे ने की अमित शाह से शिकायत
फिलहाल इस मुद्दे पर नाराज चल रहे एकनाथ शिंदे ने पुणे में अमित शाह से सुबह 4 बजे मुलाकात कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की शिकायत की है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की सरकार में फिलहाल मुझे और मेरे दल को अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही है. हमारी सरकार में लिए गए निर्णयों पर अब मौजूदा सरकार स्टे लगा रही है. यह सब कुछ ठीक नहीं हो रहा है. सूत्रों की मानें तो अमित शाह ने एकनाथ शिंदे को यह भरोसा दिया है कि वे इस मामले में मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे.
विधायक कैलास पाटिल ने जताई नाराजगी
इस मुद्दे पर विधायक कैलाश पाटिल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछली सरकार में जब तानाजी सावंत ने 3200 करोड़ रुपए के काम को मंजूरी दी थी तब देवेंद्र फडणवीस ने क्यों नहीं रोक लगाई. उस समय भी वह सरकार में उपमुख्यमंत्री थे. आखिर अब स्टे लगाने का फैसला उन्होंने क्यों लिया?
