मुंबई: महाराष्ट्र बजट सत्र के पहले दिन राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने जनता से जुडी कई अहम मांगों को सदन में पेश किया। इसमें समाज के सभी वर्ग के लोगों का समावेश किया गया है। अजित पवार ने महाराष्ट्र की ग्रामीण नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर, मुख्यमंत्री बळीराजा (किसान) बिजली दर अनुवृत्ति (सब्सिडी) योजना के अंतर्गत कृषि पंप ग्राहकों को बिजली दरों में छूट, केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत सड़क व पुल परियोजनाओं के लिए बिना ब्याज के ऋण हेतु निधि, राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज शिक्षा शुल्क छात्रवृत्ति योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य योजना, पुणे रिंग रोड, जालना-नांदेड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को गति, गोदावरी मराठवाड़ा पाटबंधारे विकास महामंडल को किसान जलसंजीवनी योजना और सरकारी अंशदान घटक के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए निधि जैसी लोक उपयोगी योजनाओं और राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु 6486. 20 करोड़ की पूरक मांगें आज विधायिका में प्रस्तुत की गईं।
आज से शुरू हुए बजट सत्र के पहले दिन, उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री अजित पवार ने वित्त वर्ष 2024-25 की पूरक मांगें विधानसभा में प्रस्तुत कीं। कुल ₹६,४८६.२० करोड़ की मांग में से ₹९३२.५४ करोड़ अनिवार्य मांगों के लिए, ₹३,४२०.४१ करोड़ योजनागत कार्यक्रमों के लिए, और ₹२,१३३.२५ करोड़ केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता के रूप में प्रस्तावित किए गए हैं। हालांकि कुल मांग ₹६,४८६.२० करोड़ है, लेकिन इसका वास्तविक भार ₹४,२४५.९४ करोड़ है।
प्रस्तुत की गई प्रमुख और महत्वपूर्ण पूरक मांगें निम्नलिखित हैं:
• पावरलूम ग्राहकों को बिजली दरों में सब्सिडी देने के लिए अतिरिक्त प्रावधान – ₹१००.०० करोड़ (प्रतीकात्मक)
Good News: महाराष्ट्र सरकार ‘इस’ दिन देगी लाडली बहनों को फरवरी और मार्च के पैसे!
विभागवार प्रस्तावित पूरक मांगें – मार्च २०२५
• उद्योग, ऊर्जा, श्रम व खनिकर्म विभाग – ₹१,६८८.७४ करोड़
• नगर विकास विभाग – ₹५९०.२८ करोड़
• उच्च व तंत्र शिक्षा विभाग – ₹४१२.३६ करोड़
• सहकार, विपणन व वस्त्र उद्योग विभाग – ₹३१३.९३ करोड़
• पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग – ₹२५५.५१ करोड़
• राजस्व व वन विभाग – ₹६७.२० करोड़
• अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग – ₹६७.१२ करोड़
• सार्वजनिक निर्माण विभाग – ₹४५.३५ करोड़
