नागपुर: आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में विभिन्न समुदायों के आरक्षण पर फैसला लेने के लिए जातिवार जनगणना ही एकमात्र विकल्प है। कांग्रेस पार्टी ने सदन में अपना पक्ष रखा है, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जातिवार जनगणना के खिलाफ है। नाना पटोले ने कहा कि संघ और भारतीय जनता पार्टी आरक्षण खत्म करना चाहती है। इसे लेकर महाराष्ट्र में विवाद बढ़ता जा रहा है। विधानसभा में आरक्षण पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जिस तरह से भाषण दिया, वह पूरी तरह बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ड्राफ्ट पर आधारित था।
बुधवार को विधान भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने आगे कहा कि आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को आरक्षण देने के लिए जातिवार जनगणना ही एकमात्र विकल्प है। शिंदे कमेटी का काम केवल यह देखना है कि कुनबी हलफनामा है या नहीं। यह कोई स्थाई काम नहीं है।
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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में कहा कि कई जातियां आरक्षण की मांग कर रही हैं जिसके लिए आंदोलन चल रहे हैं। इसका एकमात्र विकल्प जातिवार जनगणना ही है। भाजपा सरकार को जातिवार जनगणना करानी चाहिए, जिससे सभी को न्याय मिलेगा और महाराष्ट्र भी आगे बढ़ेगा।
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प्याज मुद्दे पर राज्य सरकार का दिल्ली दौरा…
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए नाना पटोले ने कहा कि किसानों का प्याज खराब हो गया है। अब राज्य के मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर क्या करेगा? इतने दिनों तक डबल इंजन सरकार क्या कर रही थी? प्रदेश की कई मंडी समितियों में किसान का प्याज चार-पांच दिन तक गाड़ी में पड़ा रहा। प्याज खराब हो गया है। अब इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा? यह सरकार किसान विरोधी है। दिल्ली का दौरा प्याज मुद्दे पर महज एक दिखावा है।
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नाना पटोले ने कहा कि मुंबई में बड़े हीरे के व्यापार को सूरत ले जाया गया है। इसके अलावा और भी कई उद्योगों को वहां ले जाने के लिए गुजरात की लॉबी काम कर रही है।
