मुंबई: मराठा समाज को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल (Manoj Jarange Patil) की फिलहाल मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। दरअसल अंतरवली सराटी में पथराव की घटना पर सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नोकझोंक देखने को मिली। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष ने विपक्ष और मनोज जरांगे पाटिल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरकार में शामिल दलों ने मनोज जरांगे पाटिल पर साजिश की भाषा बोलने का आरोप लगाया गया है। बीजेपी विधायक आशीष शेलार (BJP MLA Ashish Shelar) ने अंतरवली सराटी मामले में एसआईटी नियुक्त करने की मांग की है।
आशीष शेलार ने कहा कि अगर इस मामले के पीछे एनसीपी का हाथ है तो इसकी एसआईटी से जांच होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले की एसआईटी जांच के भी आदेश दिए हैं। इससे मनोज जरांगे की मुश्किलें बढ़ गई हैं
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आशीष शेलार का जरांगे पाटिल के आंदोलन पर हमला
बीजेपी विधायक आशीष शेलार ने विधानसभा में मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन पर जोरदार हमला बोला। शेलार ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक रद्द करवाएंगे। ऐसी भाषा का प्रयोग करने वाले आप कौन हैं? इस षडयंत्र योजना कैसे बनी? क्या मराठा समाज का एकाधिकार एक व्यक्ति को दे दिया गया है? जरांगे जहां रहते हैं वह फैक्ट्री किसकी है? वहां पत्थर कहां से आए? इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
अंतरवली सराटी पथराव मामले की एसआईटी जांच होनी चाहिए। जिससे यह पता चल सके कि इस मामले के पीछे एनसीपी का हाथ है या नहीं?
महाराष्ट्र को बदनाम करने वाली भाषा बर्दाश्त नहीं
मनोज जरांगे पाटिल को घेरते हुए आशीष शेलार ने कहा कि किसी को भी महाराष्ट्र को बदनाम करने वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। विपक्ष हमारे रुख से सहमत होगा। छगन भुजबल को भी धमकी दी गई। मराठा समाज को बदनाम किया जा रहा है। मराठा समाज को पराक्रमी और संयमी कहा जाता है। शेलार ने कहा कि किसी भी समुदाय को नुकसान पहुंचाए बिना मराठा समुदाय के हितों की रक्षा की जानी चाहिए।
