मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) का सरकारी आवास मालाबार हिल का वर्षा बंगला है। जबकि उनका मूल घर ठाणे जिले में है। उनके पास ठाणे के वागले एस्टेट लुईसवाड़ी में शुभदीप बंगला है। जिसमें उनके बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे ठाणे में रहते हैं। फिलहाल एक बार से सीएम एकनाथ शिंदे और उनके बेटे श्रीकांत शिंदे(Shrikant Shinde) विरोधियों के निशाने पर हैं। विपक्ष ने ठाणे जिले में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के घर की ओर जाने वाली सर्विस रोड के जरिए उन पर निशाना साधा है। जिसके बाद सांसद श्रीकांत शिंदे ने तुरंत एक्शन लिया और यह सुनिश्चित किया कि यह विवाद और न बढ़े। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास ठाणे के वागले एस्टेट लुईसवाड़ी में एक शुभदीप बंगला है।
ठाणे शहर यातायात विभाग ने उनके घर की ओर जाने वाली सर्विस रोड को बंद करने की अधिसूचना जारी की थी। दरअसल सांसद श्रीकांत शिंदे और उनके परिवार के सदस्य सर्विस रोड से आते-जाते करते हैं। इसलिए, अधिसूचना में कहा गया है कि ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग की तरफ मोड़ा जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे गुट के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा। संजय राउत ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मुख्यमंत्री के बेटे और उनके परिवार के ठाणे जिले में पूरा सर्विस रोड बंद किया जाता है। क्या यह कुछ ज्यादा नहीं हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुत्र खा. श्रीकांत शिंदे व त्यांच्या कुटुंबाला ये जा करण्यासाठी ठाण्यातील अख्खा सर्विस रोड बंद केला जातो.
हे जरा अतीच झाले असे वाटत नाही का? गृहमंत्री जी!
पोलिस खात्याची मिंधेगिरी!@AUThackeray@BJP4Maharashtra@Dev_Fadnavis @AHindinews pic.twitter.com/QZBCf3mL3C— Sanjay Raut (@rautsanjay61) November 1, 2023
संजय राउत के इन आरोपों के बाद श्रीकांत शिंदे ने तुरंत अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हम जनता को परेशानी पहुंचाने वाली किसी भी अधिसूचना का समर्थन नहीं करते हैं। इसके बाद उन्होंने फोन किया और वह अधिसूचना रद्द कर दी गई। यह अधिसूचना बुधवार 1 नवंबर को ठाणे शहर परिवहन विभाग द्वारा यातायात नियंत्रण अधिसूचना संख्या 177 पारित की गई थी।
मुख्यमंत्री के सामने क्या है चुनौती?
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट एक दूसरे पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने इस समय मराठा आरक्षण आंदोलन को सुलझाने की चुनौती है। मराठा आरक्षण को लेकर राज्य में माहौल गरमा गया है। आरक्षण को लेकर मराठा समुदाय काफी आक्रामक नजर आ रहा है।
कुछ जगहों पर ये आंदोलन हिंसा में तब्दील हो गया है। मनोज जारांगे पाटिल ने साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें आरक्षण नहीं मिलेगा तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे। ऐसे में मराठा समुदाय को आरक्षण कैसे दिया जाए? इस आंदोलन का समाधान कैसे हो? फिलहाल मुख्यमंत्री के सामने ये बड़ा सवाल है।
