मुंबई: गुजरात के वडोदरा में आयोजित 21वीं WKI इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप 2025 में भारत की नन्ही कराटे खिलाड़ी आराध्या पांडेय ने देश का नाम रोशन कर शानदार सफलता हासिल की। महाराष्ट्र की इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने न केवल अपना दमखम दिखाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उपस्थिति को और मज़बूत किया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमदार प्रदर्शन
वाडो-काई इंडिया (WKI) द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के खिलाड़ी शिरकत करने पहुंचे। समा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 28 से 30 नवंबर तक चले इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की परीक्षा काता (Kata) और कुमिते (Kumite)—दो प्रमुख श्रेणियों में ली गई।
काता में संतुलन, तकनीक और नियंत्रण अहम होते हैं, जबकि कुमिते में खिलाड़ी आमने-सामने मुकाबला करते हैं।
दोनों ही कैटेगरी में आराध्या ने अपनी उम्र से आगे की परिपक्वता और शानदार तकनीक का प्रदर्शन किया।
कुमिते में स्वर्ण, काता में कांस्य- दोहरी सफलता
आराध्या ने कुमिते में नेपाल की खिलाड़ी को मात देकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं काता में उन्होंने श्रीलंका की खिलाड़ी को पछाड़ते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी फुर्ती, आत्मविश्वास और अनुशासन ने दर्शकों और कोचों को बेहद प्रभावित किया। यह उपलब्धि सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिभा की जोरदार उपस्थिति है।
अकादमी के अन्य खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
आराध्या फॉरमोस्ट फाइटर कराटे अकादमी से प्रशिक्षण लेती हैं। इस अकादमी के अन्य बच्चों ने भी अलग-अलग कैटेगरी में भारत के लिए पदक जीते, जिससे पूरे दल का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा। कोच पुरु रावल ने कहा कि उनके शिष्य लगातार मेहनत कर रहे हैं और भविष्य में भी ऐसे कई अंतरराष्ट्रीय मेडल भारत के लिए लेकर आएंगे।
‘मेरी जीत भारत को समर्पित’
अपनी जीत पर आराध्या ने कहा कि वह अपने मेडल देश को समर्पित करती हैं और आगे भी विश्व स्तर पर भारत का झंडा बुलंद करना चाहती हैं। उनकी विनम्रता और समर्पण यह साबित करता है कि वह केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि उभरती हुई राष्ट्रीय उम्मीद भी हैं।
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने दी बधाई
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठी में आराध्या को बधाई देते हुए ट्वीट किया।
“वडोदरा में हुई WKI इंटरनेशनल कराटे प्रतियोगिता में महाराष्ट्र की आराध्या पांडेय ने कुमिते में स्वर्ण और काता में कांस्य पदक जीतकर भारत का झंडा गर्व से ऊँचा किया। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूँ। महाराष्ट्र की लेक होने के नाते हमें उन पर गर्व है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।” फडणवीस का यह संदेश आराध्या की उपलब्धि को और खास बनाता है।
कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमदार प्रदर्शन कर आराध्या पांडेय न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प से हर सपने को साकार किया जा सकता है।
