मुंबई: जानी मानी सीनियर जर्नलिस्ट संतोषी गुलाबकली मिश्रा इन दिनों डॉक्यूमेंट्री बनाने में काफी व्यस्त हैं। कुछ अरसा पहले कमाठीपुरा की सेक्स वर्कर्स पर बनाई उनकी डॉक्यूमेंट्री की चर्चा देश विदेश में हुई थी। अब एक बार फिर संतोषी मिश्रा अपनी नई डॉक्यूमेंट्री को लेकर सुर्ख़ियों में हैं। उनकी ‘लाल परी – ए रोड फेरी’ डॉक्यूमेंट्री को मॉस्को, रूस में ट्रैवल फिल्म इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में शामिल करने के लिए चुना गया है।
रूस के सिनेमाघरों में इस दिन दिखाई जाएगी फिल्म
यह फिल्म फेस्टिवल यात्रा और प्रवासी इन विषयों पर आधारित फिल्मों की स्क्रीनिंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘लाल परी – ए रोड फेरी’ को इस वर्ष के महोत्सव का हिस्सा बनने का सम्मान मिला है। यह डॉक्यूमेंट्री अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए मॉस्को, रूस के सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। फिल्म की स्क्रीनिंग और अंतिम दौर का समारोह 2 मार्च और 3 मार्च, 2024 को आयोजित किया है ।
इंडियन एक्सप्रेस की पूर्व वरिष्ठ पत्रकार और डॉक्यूमेंट्री की डायरेक्टर संतोषी गुलाबकली मिश्रा ने लीड न्यूज़ टुडे से बातचीत में कहा, ‘यह फिल्म दिखाती है कि लाल परी राज्य की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था का कैसे अहम हिस्सा है। एसटी बस न केवल ग्रामीण महाराष्ट्र का परिवहन है बल्कि उनकी जीवन रेखा भी है। फिल्म में नंदुरबार और धुले जिले का चित्रण शामिल हैं जहां भारी वाहन चलाना सबसे कठिन है।
डॉक्यूमेंट्री इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे महिला किसान, किसान, व्यापारी, छोटे व्यवसायिक, सरकारी कर्मचारी, स्कूली बच्चे, विशेष रूप से स्कूली लड़कियाँ, फ्रंटलाइन वर्कर्स, शिक्षक और वरिष्ठ नागरिकों का जीवन एसटी बसों पर निर्भर करता है।’
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना मेरे और टीम के लिए सम्मान
अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में फिल्म के चयन के बारे में निर्देशक संतोषी ने कहा, ‘हमारी कड़ी मेहनत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना मेरे और टीम के लिए एक सम्मान की बात है। एक स्वतंत्र वृत्तचित्र फिल्म निर्माता के लिए अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में चयन और उसका सिनेमाघरों में प्रदर्शित होना एक पुरस्कार प्राप्त करने जैसा है।
मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारी फिल्म ने कल्चर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता और साइप्रस (मध्य एशिया / युरोप ) में ट्रैवल फिल्म इंटरनेशनल फेस्टिवल में शीर्ष पांच फिल्मों में भी नामांकित हुई। जिस तरह से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है उससे आप फिल्म की गुणवत्ता को समझ सकते हैं।’
फिल्म में क्या दिखाया गया है?
‘लाल परी – ए रोड फेरी’ आधे घंटे की डॉक्यूमेंट्री फिल्म है जो दर्शकों को महाराष्ट्र के विशाल सड़क नेटवर्क से जोड़ती है। बस, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों, प्रमुख जिला सड़कों, अन्य जिला सड़कों और गांव की सड़कों और पगडंडी को जोड़ती है। महाराष्ट्र के आर्थिक विकास, औद्योगीकरण, और सफल कृषि व्यवसाय की साथी यह बस है। मुंबई की जीवन रेखा यहां की लोकल ट्रेन है, यहां के राज्य के ग्रामीण इलाकों की जीवन रेखा एसटी बस है। फिल्म दिखाती है कि कैसे राज्य परिवहन बस ग्रामीण महाराष्ट्र के हर कोने से जुडी हैं।
75 वर्षों से अधिक समय से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धड़कन रही है। एसटी बस समाज के सब वर्गो को जोड़ती है। लाल परी ने मानो आदिवासी समाज को पंख दे दिया है. फिल्म में इसे नंदुरबार, धुले और मेलघाट के आदिवासी समाज का चित्रण किया है। दलित और वंचित समाज ने अपनी रफ्तार बस के पहियों के साथ पकड़ ली है। फिल्म महिला यात्री , किसान , स्कूल और कॉलेज छात्रों के जीवन पर प्रकाश डालती है। सही मायनों में बस- लाल परी लोगों के लिए ‘रोड परी’ है इसीलिए लोगों ने उनका नाम लाल परी रख दिया है।
