मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के लिए मतदान हुआ। यह चुनाव सिर्फ वार्डों और पार्षदों का नहीं, बल्कि मुंबई की प्रशासनिक दिशा और सत्ता संतुलन तय करने वाला माना जा रहा है। सुबह से शाम तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में मतदान को लेकर हलचल दिखी, कहीं धीमी शुरुआत रही तो कहीं आखिरी घंटों में मतदाताओं की भीड़ बढ़ती नजर आई।
दोपहर बाद तेज़ हुई रफ्तार
मतदान की शुरुआत सुबह 7:30 बजे हुई। शुरुआती घंटों में वोटिंग को लेकर उत्साह अपेक्षाकृत कम दिखा, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, मतदान प्रतिशत में सुधार होता गया।
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सुबह करीब 9:30 बजे तक लगभग 7% मतदान
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दोपहर 1:30 बजे तक करीब 30% वोटिंग
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शाम 3:30 बजे तक औसतन 41% से अधिक मतदान दर्ज
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, शाम के आखिरी घंटों में भी मतदाताओं की आवाजाही बनी रही। उपनगरीय इलाकों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत बेहतर रहा, जबकि कुछ पॉश इलाकों में वोटिंग को लेकर उदासीनता दिखी।
वोट डालने पहुंचे सितारे
BMC चुनाव के दौरान आज बॉलीवुड और खेल जगत की मजबूत मौजूदगी भी देखने को मिली। कई नामी हस्तियां अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचीं और खुले तौर पर लोगों से वोट डालने की अपील की।
वोट डालने वाले प्रमुख सेलेब्रिटी:
अक्षय कुमार, आमिर खान, गुलज़ार, सलिम खान, परेश रावल, हेमा मालिनी, जॉन अब्राहम, तमन्ना भाटिया, दिव्या दत्ता, कैलाश खेर, सचिन तेंदुलकर
सेलेब्रिटी वोटिंग की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। कई कलाकारों ने कहा कि “लोकल बॉडी चुनाव शहर की जिंदगी पर सीधा असर डालते हैं, इसलिए वोट देना बेहद ज़रूरी है।”
स्याही को लेकर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें दावा किया गया कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगी स्याही आसानी से हट रही है। विपक्ष ने इस पर सवाल खड़े किए, हालांकि चुनाव प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है।
मतदाता सूची और बूथ की दिक्कत
कुछ मतदाताओं ने नाम सूची में न मिलने या मतदान केंद्र बदलने की शिकायत की। इससे कुछ जगहों पर अफरा-तफरी हुई, लेकिन चुनाव कर्मचारियों ने मौके पर स्थिति संभाल ली।
अब सबकी नजर कल के नतीजों पर
BMC चुनाव की मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी। उसी दिन यह साफ हो जाएगा कि मुंबई की सत्ता किस राजनीतिक दल या गठबंधन के हाथ जाती है। बीजेपी, शिवसेना (दोनों गुट), कांग्रेस और एनसीपी के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा और पकड़ की सीधी लड़ाई माना जा रहा है।
