मुंबई: मध्य रेल सतर्कता (विजिलेंस) टीम ने दिनांक 13.12.2023 को एक सुनियोजित ऑपरेशन में एक फर्जी भर्ती रैकेट का भंडाफोड़ कर एक फर्जी भर्ती संचालक को पकड़ा। विजिलेंस विभाग को एक लिखित शिकायत मिली थी कि नरसिम्हा पाई यह दावा कर रहे हैं कि रेलवे में उनके अच्छे संपर्क हैं। और 6 लाख रुपये की देने पर 2 महीने के भीतर वो नौकरी दिलवा देंगे। उन्होंने शिकायतकर्ता को घाटकोपर स्टेशन पर मिलकर एक लाख रुपये की पहली किश्त भी देने को कहा। शिकायत को वेरीफाई करने पर सही पाया गया। जिसके बाद विजिलेंस टीम ने 25,000/- रुपये के सरकारी पैसे के साथ आरपीएफ जवानों के साथ घाटकोपर स्टेशन पर फर्जी हैंडलर से मिलने के लिए जाल बिछाया।
रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार
नरसिम्हा पाई को 25,000 रुपए रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया। उसके मोबाइल की जांच से पता चला कि वह पैसे इकट्ठा करता था और उसे बिहार में किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर करता था। नरसिम्हा पाई ने कबूल किया कि वह रेलवे में फर्जी नियुक्तियां कराने के लिए कुछ लोगों के साथ मिलकर काम करते थे।
गवर्नमेंट रेलवे पुलिस, कुर्ला द्वारा आईपीसी 420 और 34 के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई थी और फर्जी भर्ती के इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए आगे की जांच की जा रही है।
रेलवे की जनता से अपील
मध्य रेल के चीफ विजिलेंस अधिकारी और वरिष्ठ उप महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी के मार्गदर्शन में अजय कुमार, के डी मोरे और राजकुमार सिंह की सतर्कता टीम, मुख्य सतर्कता निरीक्षक और सुरक्षा कर्मी ए. एम. अवध, अरविंद बुडके और एस. एम. कोतवाल ने अपराधी को पकड़ने और कई लोगों को ऐसे तत्वों का शिकार बनने से बचाने में शानदार काम किया।
रेलवे लोगों से अपील करता है कि वे भर्ती के लिए ऐसे फर्जी संचालकों से संपर्क न करें क्योंकि सभी सरकारी एजेंसियों में चयन और भर्ती की एक मानक प्रक्रिया होती है। यदि वे अपने आस-पास ऐसी कोई गतिविधि होते हुए देखते हैं या पाते हैं, तो उनसे पुलिस या संबंधित सतर्कता विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
