मुंबई: मायानगरी की गलियों और मुख्य इलाकों में इन दिनों एक ही स्लोगन लोगों की नज़रों को खींच रहा है– “I Love Mohammad”। शहर में जगह-जगह लगाए गए इन पोस्टरों ने अचानक माहौल को चर्चा से भर दिया है। जहां एक तरफ स्थानीय संगठन इसे पैगंबर मोहम्मद से मोहब्बत और भाईचारे का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गई है। वजह साफ है—कुछ ही दिन पहले कानपुर में इसी तरह के पोस्टर पर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था और एफआईआर तक दर्ज हुई थी।
मुंबई में क्यों लगे ये पोस्टर?
स्थानीय संगठनों का कहना है कि इस पहल का मकसद बिल्कुल साफ है—पैगंबर मोहम्मद के प्रति मोहब्बत और सम्मान जताना। उनका दावा है कि इन पोस्टरों से किसी तरह का विवाद खड़ा करना या समाज में तनाव फैलाना उद्देश्य नहीं है। संगठन इसे “शांति और प्रेम का पैगाम” बता रहे हैं।
कानपुर का विवाद बना बैकग्राउंड
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि कुछ ही दिन पहले कानपुर में ‘I Love Mohammad’ पोस्टरों को लेकर हंगामा मच गया था।
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वहां विरोध प्रदर्शन हुए।
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माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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और आखिरकार पुलिस ने पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की।
कानपुर की उस घटना का असर अब मुंबई में दिख रहा है। यही कारण है कि मुंबई पुलिस और प्रशासन इस पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं।
प्रशासन की नज़र और एहतियात
मुंबई पुलिस ने साफ कर दिया है कि फिलहाल शहर में हालात सामान्य हैं। पोस्टर लगाने की वजह से किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। लेकिन पुलिस की नज़र हर इलाके पर है।
कानपुर में ‘I LOVE MOHAMMAD’ बोर्ड से बवाल, FIR दर्ज होते ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड
जनता और सोशल मीडिया की राय
इस पूरे मामले पर जनता की राय बंटी हुई है।
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समर्थन करने वाले लोग इसे मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम बता रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें किसी तरह की आपत्ति की बात नहीं है।
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वहीं, विरोध करने वाले लोग इसे समाज को बांटने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला कदम बता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर अलग-अलग तरह की बहसें छिड़ी हुई हैं।
फिलहाल, मुंबई में “I Love Mohammad” पोस्टरों को लेकर माहौल शांतिपूर्ण है। लेकिन कानपुर विवाद को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल मोहब्बत का पैगाम बनेगी या विवाद का नया मुद्दा।
