मुंबई: चोरी, लूटपाट, सेंधमारी, डकैती आदि की घटनाओं में बढ़ोतरी के कारण आम नागरिक काफी परेशान और डरे हुए हैं। लेकिन इस दौर में भी लोगों की ईमानदारी जिंदा है। इसका बेहतरीन उदाहरण हाल ही में मुंबई से सटे कल्याण में मिला। जहां एक ऑटो रिक्शा चालक द्वारा महिला यात्री का गहनों से भरा बैग लौटाने की घटना सामने आई है। उस बैग में सात तोला गहने थे। इतने सारे गहने रिक्शे में भूल जाने के कारण महिला के चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं। लेकिन रिक्शा चालक ने ईमानदारी से गहनों का बैग वापस कर दिया। जिससे महिला के चेहरे पर खुशियों भरी मुस्कान खिल गई। इस रिक्शा चालक का नाम मोहन राठौड़ है। फिलहाल इनकी चर्चा चारों तरफ हो रही है।
महिला अपने रिश्तेदारों से मिलने आई थी
दरअसल ठाणे की रहने वाली नम्रता देशमुख अपने एक रिश्तेदार के यहां कल्याण आई थीं। इसके लिए वह कल्याण स्टेशन पर उतरी और वेस्ट के चिकन घर इलाके में जा रही थी। रिक्शे में बैठने के बाद उन्होंने गहनों का बैग रिक्शे के पीछे रख दिया क्योंकि उसके हाथ में काफी सामान था। जब वह नीचे उतरी तो उसने अपना सारा सामान ले लिया लेकिन गहनों का बैग वहीं छूट गया।
उन्हें उतारकर रिक्शावाला राठौड़ भी चला गया लेकिन थोड़ी देर बाद उन्होंने देखा कि ऑटो रिक्शा के पीछे एक बैग था। वे फिर से कल्याण स्टेशन परिसर आए और महिला की तलाश की। वो उस जगह पर भी गए जहां उन्होंने महिला को छोड़ा था लेकिन महिला का कोई पता नहीं चला।
महिला ने रिक्शा चालक और पुलिस को भी धन्यवाद दिया
इसी बीच महिला यात्री महात्मा फुले पुलिस स्टेशन पहुंची और वहां अपना बैग खो जाने की शिकायत दर्ज कराई। यह जानकारी मिलने के बाद महात्मा फुले पुलिस ने तुरंत इलाके के सीसीटीवी की जांच की और उस रिक्शा का नंबर ढूंढा और रिक्शा चालक राठौड़ से संपर्क किया। तब पुलिस को एहसास हुआ कि राठौड़ खुद बैग देने के लिए महिला की तलाश कर रहा था। लेकिन महिला के नहीं मिलने पर उन्होंने बैग रिक्शा यूनियन कार्यालय में रख दिया।
पुलिस द्वारा बुलाए जाने के बाद राठौड़ बैग लेकर महात्मा फुले पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने गहनों से भरा बैग महिला को सौंपा। तब जाकर महिला की जान में जान आई। पुलिस ने भी रिक्शा चालक की ईमानदारी की सराहना करते हुए उसे सम्मानित किया। महिला ने रिक्शा चालक और पुलिस को भी धन्यवाद दिया।
