Tuesday, March 24, 2026
No menu items!
HomeराजनीतिMaratha Reservation: मराठा आरक्षण आंदोलन का पूरा इतिहास, 1982 से 2025 तक...

Maratha Reservation: मराठा आरक्षण आंदोलन का पूरा इतिहास, 1982 से 2025 तक की संघर्षगाथा पढ़िए

महाराष्ट्र की राजनीति और समाज में मराठा समुदाय का हमेशा से अहम रोल रहा है। खेती-किसानी और ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में मौजूद इस समाज ने दशकों से मेहनत की है, लेकिन आरक्षण और सामाजिक न्याय की लड़ाई अब तक पूरी नहीं हो सकी।

मराठा आंदोलन (Maratha Andolan) सिर्फ आरक्षण की मांग नहीं, बल्कि यह एक लंबा संघर्ष है, जिसमें कभी आत्मदाह की घटनाएँ हुईं, कभी लाखों लोगों के शांतिपूर्ण मोर्चे, तो कभी अदालतों में कानूनी जंग। चलिए जानते हैं, इस आंदोलन की पूरी कहानी 1982 से 2025 तक

1982: अण्णासाहेब पाटील से शुरुआत

आरक्षण की लड़ाई तब शुरू हुई, जब अण्णासाहेब पाटील ने मराठा समाज के लिए आवाज उठाई। 22 मार्च 1982 को उन्होंने मंडल आयोग का विरोध करते हुए आरक्षण समेत 11 मांगें रखीं। जब सरकार ने इन्हें नजरअंदाज किया तो उन्होंने आत्महत्या कर ली। उनकी यह कुर्बानी आंदोलन की नींव बन गई।

1997: आंदोलन दोबारा भड़का

कई साल शांत रहने के बाद 1997 में मराठा महासंघ और मराठा सेवा संघ ने आंदोलन को फिर से जिंदा किया। उनकी मांग थी कि मराठा समाज को कुणबी जाति (OBC श्रेणी) में शामिल किया जाए। यहीं से आंदोलन को नई दिशा मिली।

2000–2010: राजनीतिक वादे और निराशा

2000 के बाद कई बड़े नेता, जैसे शरद पवार और विलासराव देशमुख, आरक्षण के मुद्दे को चुनावी मंचों पर उठाते रहे। लेकिन ठोस नतीजा नहीं निकला। मराठा समाज की नाराज़गी धीरे-धीरे बढ़ती गई।

2014: 16% आरक्षण का बड़ा फैसला

जून 2014 में कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने मराठा समाज को 16% आरक्षण देने की घोषणा की। शुरुआत में इसे बड़ी जीत माना गया, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया।

2016: कोपर्डी कांड और मूक मोर्चे

अहमदनगर के कोपर्डी गाँव में 15 वर्षीय लड़की से बलात्कार और हत्या ने पूरे महाराष्ट्र को हिला दिया। इसके बाद मराठा क्रांती मूक मोर्चा शुरू हुआ। लाखों लोग बिना नारेबाजी के सिर्फ तख्तियाँ लेकर सड़कों पर उतरे। यह आंदोलन शांतिपूर्ण होते हुए भी बेहद ताक़तवर था।

2017–2018: आयोग और रिपोर्ट

2017 में महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समाज की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अध्ययन कराया। नवंबर 2018 में आयोग ने रिपोर्ट सौंपी और कहा कि मराठा समाज को SEBC (Socially and Educationally Backward Class) माना जाए। 30 नवंबर 2018 को विधानसभा ने 16% आरक्षण का बिल पास किया।

2019: हाईकोर्ट का फैसला

27 जून 2019 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरक्षण को बरकरार रखा, लेकिन 16% घटाकर शिक्षा में 12% और नौकरियों में 13% कर दिया। यह समाज के लिए आंशिक राहत थी।

2021: सुप्रीम कोर्ट का झटका

5 मई 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण को पूरी तरह असंवैधानिक घोषित कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि 50% से ज्यादा आरक्षण की सीमा पार नहीं की जा सकती। इस फैसले ने आंदोलन को नया मोड़ दिया और नाराज़गी और बढ़ी।

2023: मनोज जरांगे पाटील का उदय

सितंबर 2023 में जालना जिले के अंतर्वली सराठी से मनोज जरांगे पाटील सामने आए। उन्होंने अनशन शुरू किया और मराठों के लिए OBC कुनबी प्रमाणपत्र की मांग रखी। उनका आंदोलन तेजी से पूरे महाराष्ट्र में फैल गया और वे मराठा आरक्षण की नई आवाज बन गए।

2024: नया आरक्षण कानून

फरवरी 2024 में महाराष्ट्र सरकार ने मराठाओं के लिए 10% आरक्षण वाला नया कानून पास किया। साथ ही, “सगे-सोयरे” आधार पर कुनबी प्रमाणपत्र देने का काम भी शुरू हुआ।

2025: मुंबई में आमरण अनशन

29 अगस्त 2025 से मनोज जरांगे पाटील ने मुंबई के आज़ाद मैदान में आमरण अनशन शुरू किया। उनकी मांग है कि मराठाओं को सीधे OBC श्रेणी में 10% आरक्षण दिया जाए। सरकार ने शिंदे पैनल को छह महीने का समय दिया है और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया जारी है।

मराठा आंदोलन की मुख्य मांगे

  • शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण

  • OBC कुनबी श्रेणी में शामिल करना

  • किसानों की कर्जमाफी और मदद

  • सरकारी योजनाओं में बराबरी का लाभ

    मनोज जरांगे पाटील पहुंचे मुंबई के आजाद मैदान, मराठा आरक्षण के लिए आमरण अनशन शुरू

    समानता और न्याय की तलाश
    मराठा आंदोलन का इतिहास बताता है कि यह सिर्फ आरक्षण की लड़ाई नहीं है। यह एक पूरी पीढ़ी की समानता और न्याय की तलाश है। 1982 में अण्णासाहेब पाटील से शुरू हुई यह कहानी, आज 2025 में भी मनोज जरांगे पाटील के नेतृत्व में जारी है। महाराष्ट्र की राजनीति और समाज पर इसका असर आने वाले समय में और गहराई से देखने को मिलेगा।

leadnewstoday
leadnewstodayhttps://leadnewstoday.com/
आप सभी का LEAD NEWS TODAY में स्वागत है. LEAD NEWS TODAY एक समाचार (न्यूज) वेबसाइट है. जो निष्पक्ष, प्रामाणिक और भरोसेमंद तरीके से अपने दर्शकों और पाठकों तक खबरों को पहुंचाती है. महाराष्ट्र समेत देश, दुनिया की सारी ताजा खबरें आप तक पहुँचाने का हमारा प्रयास है. LEAD NEWS TODAY में आपको राजनिती से लेकर बिजनेस, मनोरंजन, बॉलीवुड, स्पोर्ट्स, क्राइम और लाइफस्टाईल इन सभी क्षेत्रों की ताजा खबरें पढने को मिलेंगी.... LEAD NEWS TODAY Is best Hindi News Portal. We covers latest news in politics, entertainment, bollywood, business and sports.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments