Privatisation News: केंद्र सरकार ने एक और कंपनी का निजीकरण करने का फैसला किया है। सरकार ने पिछले साल इसकी योजना बनाई थी। सरकार अपनी स्वामित्व वाली आयुर्वेद कंपनी इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन (आईएमपीसीएल) को बेच रही है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मैनकाइंड फार्मा और बैद्यनाथ आयुर्वेद ने सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी में 100% हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI)जमा किया है। ये रिपोर्ट इकोनॉमिक टाइम्स ने दी है।
पतंजलि आयुर्वेद को सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी के लिए बोली प्रक्रिया में भाग लेने की उम्मीद थी। लेकिन पतंजलि आयुर्वेद ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जमा करने से इनकार कर दिया। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव तुहिन कांत पांडे ने 30 अक्टूबर को ट्वीट किया था कि इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन (आईएमपीसीएल) के विनिवेश के लिए कई ईओआई प्राप्त हुए हैं।
कंपनी का रेवेन्यू 250 करोड़ रुपए है
वित्त वर्ष 2022 में सरकार द्वारा संचालित इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन (IMPCL)का राजस्व 250 करोड़ रुपए और लाभ मार्जिन लगभग 25 प्रतिशत था। इस सरकारी कंपनी की शुरुआत साल 1978 में हुई थी। कंपनी केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत चलने वाले क्लीनिकों और डिस्पेंसरियों में दवाओं की आपूर्ति करती है।
कंपनी फिलहाल 656 आयुर्वेदिक दवाएं बनाती है। कंपनी राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत सभी राज्यों में आयुर्वेदिक दवाओं की आपूर्ति करती है। इसके अलावा कंपनी 6000 जन औषधि केंद्रों को दवाएं सप्लाई करती है। यह कंपनी आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आती है।
