काठमांडू । नेपाल में शुक्रवार तड़के भूस्खलन की चपेट में आई दो बसों के उफनाई नदी में बहने से उनमें सवार कम से कम 65 यात्रियों के लापता होने की खबर है। इस पर प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने त्रिशूली नदी में दो बसों के बहने की घटना पर दुख जताते हुए युद्धस्तर पर तलाश एवं बचाव अभियान के निर्देश जारी किए हैं।
प्रचंड ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मैं देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण संपत्ति को पहुंचे नुकसान तथा नारायणघाट-मुगलिंग मार्ग पर बस के भूस्खलन की चपेट में आकर नदी में बहने की घटना से बहुत दुखी हूं।
नारायणगढ-मुग्लिन सडकखण्डको सिमतालमा पहिरोले बस बगाउँदा झण्डै पाँच दर्जन यात्रु बेपत्ता एवं देशका विभिन्न भागमा बाढी पहिरोका कारण भएको धनजनको क्षतिप्रति गहिरो दुख व्यक्त गर्दछु। यात्रुहरूको खोजी एवं प्रभावकारी उद्धारका लागि गृह प्रशासन लगायत सरकारका सबै निकायलाई निर्देशित गर्दछु।
आगे लिखा कि मैं गृह विभाग सहित सरकार की सभी एजेंसियों को यात्रियों को खोजने और बचाने का निर्देश देता हूं।” प्रचंड ने बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर लोगों से ऐहतियात बरतने की भी अपील की। पुलिस अधीक्षक भावेश रिमल ने बताया कि नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवान बचाव अभियान के लिए घटनास्थल की ओर जा रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन से आए मलबे ने नारायणघाट-मुगलिंग मार्ग पर यातायात बाधित कर दिया है।
एक खबर के मुताबिक, 65 यात्रियों को ले जा रही दो बसें चितवन जिले के सिमलताल इलाके में नारायणघाट-मुगलिंग मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आने के बाद उफनाई त्रिशूली नदी में बह गईं। चितवन के मुख्य जिला अधिकारी इंद्र देव यादव ने इस हादसे की पुष्टि की। यादव ने बताया कि काठमांडू जा रही एंजेल बस और राजधानी से गौर के लिए रवाना हुई गणपति डीलक्स तड़के साढ़े तीन बजे भूस्खलन की चपेट में आ गई।
पुलिस के अनुसार एंजेल बस में 24, जबकि गणपति डिलक्स में 41 यात्री सवार थे। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की खबर के मुताबिक, गणपति डिलक्स में सवार तीन यात्री बस से कूद गए, जिससे वे मलबे के साथ बहने से बच गए। यादव ने बताया कि बचावकर्मियों ने भूस्खलन के मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया है।
