Vasundhara Raje: राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। हर पार्टी ने इसके लिए कमर कस ली है। चुनाव के लिए प्रचार और बैठकें जोरशोर से शुरू हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री पद के नए चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है। इन सबके बीच वसुंधरा राजे ने राजनीति छोड़ने के संकेत दिए हैं। झालावाड़ में अपने सांसद बेटे दुष्यंत सिंह का भाषण सुनने के बाद राजे ने बीजेपी की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अपने बेटे की स्पीच सुनने के बाद अब मुझे लगता है कि मुझे संन्यास ले लेना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि आप सभी ने उसे इतनी अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया है कि मुझे उसे आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि सभी विधायक यहां हैं और उन पर निगरानी रखने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि वे अपने दम पर जनता के लिए काम करेंगे।
राजस्थान में 200 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस समेत सभी दल एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शनिवार को झालावाड़ विधानसभा क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने पार्टी सभा को संबोधित किया था। राजे के बेटे और झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र के सांसद दुष्यंत सिंह भी यहां रैली में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने जनता को संबोधित किया।
बीजेपी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तय नहीं है
बीजेपी ने अभी तक अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तय नहीं किया है। ऐसे में पिछले कई महीनों से बीजेपी को चुनाव जिताने में राजे की भूमिका को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। राजे पांच बार सांसद और चार बार विधायक रह चुकी हैं।
‘अब मैं रिटायर हो सकती हूं…’
वसुंधरा राजे ने कहा कि अपने बेटे का भाषण सुनने के बाद अब मुझे लग रहा है कि मैं राजनीति से संन्यास ले सकती हूं। उन्होंने कहा कि लोगों ने उन्हें उचित प्रशिक्षण और स्नेह देकर सही रास्ते पर चलाया है। अब उनके बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
राजे ने सरकारी भर्तियों में पेपर बंटवारे और बेरोजगारी के मुद्दे पर राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमला बोला और कहा कि राजस्थान फिर से नंबर एक राज्य तभी बनेगा जब लोग बीजेपी को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
