Tata Group: पूरी दुनिया में Apple प्रोडक्ट्स का एक अलग ही क्रेज है। पिछले कुछ सालों में भारत में आईफोन का क्रेज काफी बढ़ गया है। ज्यादातर लोगों के पास आईफोन देखा जा रहा है। बहुत से लोग आईफोन को उसकी मंहगी कीमत के कारण खरीदने का सपना देखते हैं। Apple शुरुआत से ही अपनी महंगी कीमत और अच्छे फीचर्स के कारण सुर्खियों में रहा है। ऐसे में अब भारतीय कंपनी टाटा ने देश में ही आईफोन बनाने की योजना बनाई है। कंपनी भारत में आईफोन उत्पादन की रफ्तार दोगुनी करना चाहती है। इसके लिए टाटा घरेलू और वैश्विक बाजार के लिए भारत में एप्पल आईफोन का निर्माण शुरू करेगी।
टाटा समूह की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 125 मिलियन डॉलर में विस्ट्रॉन इन्फोकॉम मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण कर लिया है। टाटा की आईफोन यूनिट में करीब 28000 लोगों को रोजगार देने की योजना है।
28 हजार लोगों को रोजगार देगा टाटा ग्रुप
इस यूनिट में कुल 5000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कंपनी 1 से 1.5 साल में 25 से 28 हजार लोगों को रोजगार देगी है। ब्लूमबर्ग मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप ने एप्पल के प्रमुख आपूर्तिकर्ता विस्ट्रॉन के स्वामित्व वाली एक फैक्ट्री का अधिग्रहण कर लिया है। टाटा समूह का लक्ष्य कर्नाटक में विस्ट्रॉन फैक्ट्री का अधिग्रहण करना था।
विस्ट्रॉन अपना कारोबार क्यों बेच रही है?
इससे पहले विस्ट्रॉन भारत में अपना कारोबार बेचने की तैयारी कर रही थी। दरअसल Apple द्वारा लगाई गई शर्तें कंपनी के मुनाफे को कम कर रही थीं। इसलिए Wistron iPhone निर्माण क्षेत्र से बाहर निकलने की तैयारी कर रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के छोटे आकार और प्रबंधन संबंधी मुद्दों के कारण विस्ट्रॉन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, चीन और भारत के बीच मतभेदों के कारण विस्ट्रॉन के लिए श्रमिकों को बनाए रखना मुश्किल हो रहा था।
