नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महिला कर्मचारियों को पीरियड्स (माहवारी) के दौरान छुट्टी देने के प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने यह जवाब राज्यसभा में आरजेडी सांसद मोनज कुमार झा के सवाल का जवाब देते हुए दिया। उनके इस बयान से सोशल मीडिया पर कई लोगों ने हैरानी जताई है। इस मुद्दे पर बोलते हुए स्मृति ईरानी ईरानी ने कहा, ‘महिलाओं को मासिक धर्म आना जीवन का एक हिस्सा है। मासिक धर्म कोई विकलांगता नहीं है। यदि महिलाओं को मासिक धर्म के आधार पर छुट्टी दी जाती है तो यह उनके साथ भेदभाव करने जैसा होगा। हमें ऐसे मुद्दे नहीं उठाने चाहिए जो महिलाओं को समान अवसरों से वंचित कर दें।’
रुपाली चाकणकर ने क्या कहा?
इस मुद्दे पर महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा और एनसीपी लीडर रुपाली चाकणकर से लीड न्यूज़ टुडे ने बातचीत की। उन्होंने कहा कि पीरियड्स में सभी महिलाओं को छुट्टी देना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हर महिला की शारीरिक संरचना एक जैसी नहीं होती, हर महिला को पीरियड्स में तकलीफ या दर्द नहीं होता है लेकिन कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिन्हें वाकई में काफी दर्द और तकलीफ से गुजरना पड़ता है।
इसलिए हर महिला को पीरियड्स में छुट्टी देना ठीक नहीं लेकिन जिन महिलाओं को दिक्कत है और जो छुट्टी की मांग करती हैं उन्हें छुट्टी जरूर देनी चाहिए। वहीं इस मुद्दे पर मुंबई कांग्रेस की प्रेसिडेंट और विधायक वर्षा गायकवाड ने कहा कि इस मुद्दे पर महिलाओं के लिए एक अलग पॉलिसी बनाई जानी चाहिए।
पीरियड्स को लेकर एक राष्ट्रीय नीति बनेगी
हालांकि, पीरियड्स में सफाई के महत्व को स्वीकार करते हुए स्मृति ईरानी ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा इस मुद्दे पर एक राष्ट्रीय नीति का मसौदा तैयार करने की घोषणा की। इस का उद्देश्य पूरे देश में पीरियड्स में स्वच्छता उपायों के बारे में जागरूकता पैदा होगा। स्मृति ईरानी ने कहा कि फ़िलहाल मासिक धर्म स्वच्छता अभियान का लक्ष्य 10 से 19 साल की लड़कियां हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा समर्पित, यह योजना विभिन्न शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में ज्ञान बढ़ाने पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि भारत में, निजी क्षेत्र और सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए पीरियड्स में छुट्टी अनिवार्य बनाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। ईरानी ने 8 दिसंबर को कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया।
