Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के चर्चित Nashik TCS Case में बड़ा अपडेट सामने आया है। नासिक पुलिस ने फरार चल रही महिला आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पिछले कई हफ्तों से निदा खान की तलाश कर रही थी। कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
यह मामला नासिक स्थित एक आईटी कंपनी में कथित लैंगिक उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धर्मांतरण का दबाव डालने के आरोपों से जुड़ा हुआ है।
क्या है Nashik TCS Case?
Nashik TCS Case की शुरुआत तब हुई जब नासिक की एक महिला कर्मचारी ने मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी में काम करने वाली कुछ महिला और पुरुष कर्मचारी उस पर मानसिक दबाव बना रहे थे।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसे धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने, विशेष धार्मिक प्रथाएं अपनाने और धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया कि विरोध करने पर मानसिक रूप से परेशान किया गया और कार्यस्थल का माहौल उसके खिलाफ बना दिया गया। मामले में लैंगिक उत्पीड़न और मानसिक छळ (मेंटल हैरेसमेंट) जैसे गंभीर आरोप भी जोड़े गए।
FIR में किन लोगों के नाम आए?
पुलिस के अनुसार इस मामले में कुल छह पुरुष आरोपियों के साथ दो महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।इनमें मुख्य रूप से निदा खान, कंपनी की HR अश्विनी चैनानी के नाम सामने आए थे। सभी आरोपियों के खिलाफ नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
42 दिन से फरार थी निदा खान
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, केस दर्ज होने के बाद से ही निदा खान फरार चल रही थी। नासिक पुलिस की विशेष टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह छत्रपति संभाजीनगर में छिपी हुई है। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले निदा खान ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
किन पहलुओं की जांच?
नासिक पुलिस अब इस मामले में ,व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्ड, कंपनी के इंटरनल कम्युनिकेशन, कर्मचारियों के बयान, डिजिटल सबूत की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या शिकायतकर्ता पर वास्तव में संगठित तरीके से दबाव बनाया गया था या नहीं।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहा। कई लोगों ने कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
मामले के हाई-प्रोफाइल बनने की एक वजह यह भी रही कि इसमें देश की बड़ी आईटी कंपनियों से जुड़े कर्मचारियों के नाम सामने आए।
आगे क्या?
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी निदा खान से पूछताछ करेगी। संभावना है कि जांच के दौरान और डिजिटल सबूत सामने आ सकते हैं। नासिक पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे और कार्रवाई भी की जा सकती है।
