Pune News: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ शहर में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों ने पूरे महाराष्ट्र को हिला दिया है। पिंपरी-चिंचवड़ के दापोडी-फुगेवाड़ी इलाके में आठ लोगों की संदिग्ध मौतों की खबर सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। वहीं दो अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि अवैध भट्टियों में तैयार की गई देशी शराब के सेवन की वजह से ये मौतें हुई हैं। मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अवैध शराब पर उठे सवाल
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और पूर्व महापौर योगेश बहल ने पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ऐसी घटनाओं को लगातार नजरअंदाज क्यों कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।
हालांकि पुलिस का दावा है कि आठ मृतकों में से पांच लोगों की मौत अन्य कारणों से हुई है। इसके बावजूद पुलिस ने यह स्वीकार किया है कि मृतकों में से कई लोगों को मौत से पहले तेज चक्कर आने और तबीयत बिगड़ने की शिकायत हुई थी।
हडपसर और कालेपडळ में भी मौतें
इसी तरह की घटनाएं पुणे के हडपसर और कालेपडळ पुलिस स्टेशन क्षेत्र से भी सामने आई हैं। यहां भी संदिग्ध जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत होने की खबर है। इन घटनाओं को मिलाकर अब तक कुल 15 लोगों की मौत की बात कही जा रही है। पूरे मामले ने प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया
पिंपरी चिंचवड़ पुलिस ने जांच तेज करते हुए कुछ अवैध शराब विक्रेताओं को हिरासत में लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से जहरीली शराब के खाली कैन भी बरामद किए हैं।
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हालांकि अब तक पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की अधिकृत जानकारी वरिष्ठ अधिकारी ही देंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कठोर कार्रवाई और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम पूरे मामले की जांच करेगी। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि जहरीली शराब की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लगातार बढ़ रहे अवैध शराब के मामले
महाराष्ट्र के कई इलाकों में अवैध शराब के कारोबार को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ती शराब के नाम पर जहरीले केमिकल मिलाए जाने से इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। अब पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौतों की असली वजह स्पष्ट हो सके।
