नई दिल्ली | गोवा के कारापुर गांव में House of Abhinandan Lodha (HOABL) की प्रस्तावित मेगा हाउसिंग (टाउनशिप) परियोजना के विरोध में चल रहे आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर 13 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी। आयोजन समिति ने मीडिया, पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, प्रेस ब्रीफिंग सोमवार, 13 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर में आयोजित होगी।
आंदोलन किस मुद्दे को लेकर है?
आयोजन समिति के अनुसार, कारापुर गांव के लोग पिछले 100 दिनों से HOABL की प्रस्तावित मेगा हाउसिंग (टाउनशिप) परियोजना का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य गांव की भूमि, जंगल, जल स्रोतों, जैव विविधता और गोवा के पर्यावरण की रक्षा करना है। साथ ही परियोजना से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और पर्यावरणीय कानूनों के पालन की मांग भी की जा रही है।
आयोजन समिति के अनुसार, प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ग्रामीण प्रस्तावित परियोजना से जुड़े तथ्यों, पर्यावरणीय और सामाजिक चिंताओं तथा अब तक किए गए कानूनी और लोकतांत्रिक प्रयासों की जानकारी देंगे।
समिति का दावा है कि ग्रामीणों द्वारा तैयार पर्यावरणीय आकलन में परियोजना से पानी की बढ़ती मांग, भूजल पर संभावित दबाव, सीवेज प्रबंधन, बढ़ते यातायात और दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभाव जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।
प्रेस ब्रीफिंग में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े गैर-सरकारी संगठन (NGOs), सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरण विशेषज्ञ, शोधकर्ता, विद्यार्थी और प्रकृति संरक्षण में रुचि रखने वाले नागरिकों को आमंत्रित किया गया है।
कारापुर विलेजर्स एक्शन कमेटी ने कहना है कि लोगों की मौजूदगी से कारापुर के ग्रामीणों की आवाज़ राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी और पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा को बल मिलेगा।
