मुंबई: मायानगरी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मध्य रेलवे की परेल–अंबरनाथ लोकल ट्रेन के लगेज कोच में सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना देर रात करीब 12:30 बजे हुई। कल्याण स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने दोनों घायलों को ट्रेन से उतारकर रुक्मिणीबाई अस्पताल पहुंचाया। इनमें से एक घायल की हालत गंभीर होने पर उसे बाद में सायन अस्पताल रेफर किया गया।
“तू सो कैसे रहा है?”… पीड़ित ने सुनाई पूरी घटना
घायल यात्री के मुताबिक, वह काम खत्म करने के बाद घर लौट रहा था। दिवा स्टेशन तक ट्रेन काफी खाली हो चुकी थी। उसका आरोप है कि डोंबिवली स्टेशन से कुछ युवक ट्रेन में चढ़े और सीधे उसके पास आकर बोले, “तू सो कैसे रहा है?”
पीड़ित का कहना है कि उसने जवाब दिया, “मैं उठ जाता हूं।” वह सीट छोड़ने के लिए खड़ा ही हो रहा था कि तभी एक युवक ने हाथ में पहना धातु का कड़ा निकालकर उसके सिर पर कई वार कर दिए। उसके अनुसार, हमले में उसके सिर से काफी खून बहने लगा।
घायल यात्री ने आरोप लगाया कि हमलावर उसे चलती ट्रेन से बाहर धक्का देने की कोशिश भी कर रहे थे। तभी ठाकुरली स्टेशन पर मौजूद कुछ अन्य यात्री बीच-बचाव के लिए आगे आए और उसे बचाया। इसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले।
प्रत्यक्षदर्शी ने क्या देखा?
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रेन कुछ देर के लिए स्टेशन से पहले रुकी हुई थी। वह नीचे उतरा हुआ था और जब वापस ट्रेन में चढ़ने लगा तो उसने देखा कि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल पड़ा हुआ था। इसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई और घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
GRP की जांच में सामने आई अलग कहानी
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया और कुछ शुरुआती सूचनाओं में दरांती से हमला किए जाने का दावा किया गया था। हालांकि रेलवे और जीआरपी की प्रारंभिक जांच में इससे अलग तस्वीर सामने आई है।
रेलवे के आधिकारिक बयान के अनुसार, चलती ट्रेन में दो यात्रियों के बीच हाथापाई हुई थी। प्रारंभिक जांच में किसी भी व्यक्ति के पास कोई धारदार हथियार नहीं मिला। जीआरपी का कहना है कि मारपीट के दौरान एक यात्री के हाथ में पहना धातु का कड़ा दूसरे व्यक्ति के सिर पर लगा, जिससे गंभीर चोट आई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुछ दिन पहले भी मुंबई लोकल में हुई थी जानलेवा वारदात
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ ही दिन पहले मुंबई लोकल में दरवाजा बंद करने को लेकर हुए विवाद में 22 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि लोकल ट्रेनों में मामूली कहासुनी भी हिंसक रूप ले रही है।
मुंबई लोकल से हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। ऐसे में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था, आरपीएफ और जीआरपी की गश्त, संवेदनशील कोचों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं आगे भी दोहराई जा सकती हैं।
मुंबई लोकल में सुरक्षा क्यों बनी बड़ी चिंता?
मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्क में गिना जाता है। हर दिन लाखों लोग नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए लोकल ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन हाल के दिनों में सीट विवाद, धक्का-मुक्की और छोटी-छोटी कहासुनी के हिंसक घटनाओं में बदलने से यात्रियों में डर का माहौल बनता जा रहा है। यही वजह है कि इस ताजा घटना ने एक बार फिर मुंबई लोकल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
