नागपुर: प्रदेश में किसानों, खेत मजदूरों, कामगारों और बेरोजगारों की समस्याएं बड़ी हैं लेकिन भाजपा की अंधी, बहरी और गूंगी सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। सवालों का जवाब मुख्यमंत्री नहीं बल्कि सुपर मुख्यमंत्री देते हैं। सुपर मुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्होंने किसानों को बहुत मदद की है, लेकिन ये मदद किसानों तक नहीं पहुंची। बड़ा सवाल यह है कि सरकार ने मदद की तो वह कहां गई? राज्य में एक तरफ सूखा है और दूसरी तरफ गीला सूखा (ओलावृष्टि की मार) है। बेमौसम बारिश से किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) ने मांग की है कि सरकार को किसानों को तत्काल ऋण माफी देनी चाहिए क्योंकि वे बड़े संकट में हैं।
नाना पटोले के नेतृत्व में दीक्षाभूमि से विधान भवन तक मार्च
किसानों के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले के नेतृत्व में दीक्षाभूमि से विधान भवन तक मार्च निकाला गया। इस मार्च में हजारों लोग शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट, विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण, तेलंगाना प्रभारी माणिकराव ठाकरे, पूर्व केंद्रीय मंत्री विलास मुत्तेमवार, पूर्व मंत्री सुनील केदार, डॉ. नितिन राऊत, यशोमति ठाकुर, वर्षा गायकवाड, अमित देशमुख, विधान परिषद समूह नेता सतेज बंटी पाटिल, पूर्व मंत्री सुरेश वरपुडकर, पूर्व मंत्री विश्वजीत कदम, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नसीम खान, विधायक प्रणीति शिंदे, बसवराज पाटिल, कुणाल पाटिल, चंद्रकांत हंडोरे, विधायक भाई जगताप, विधायक वजाहत मिर्जा उपस्थित थे।
इनके अलावा महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष संध्या सव्वालाखे, सेवादल प्रदेश अध्यक्ष विलास औताडे, युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राऊत, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आमिर शेख, एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ हट्टियाम्बिरे, विधायक अभिजीत वंजारी, सुभाष धोटे, अमित झनक, नागपुर शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे, नागपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र मुलक, प्रदेश महासचिव देवानंद पवार, प्रमोद मोरे, मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे, सोशल मीडिया प्रमुख विशाल मुत्तेमवार, मदन जाधव समेत कई नेता उपस्थित थे।
क्या बोले नाना पटोले
रैली को संबोधित करते हुए नाना पटोले ने आगे कहा कि बीजेपी सरकार के शासनकाल में राज्य में अपराध बढ़ा है। आज महाराष्ट्र अपराध, भ्रष्टाचार, दंगों में देश में नंबर वन है। इस सरकार को किसानों की कोई परवाह नहीं है। उसने बेरोजगारों का मजाक बनाकर रख दिया है। शिक्षक भर्ती पर सवाल है। जिला परिषद के स्कूल बंद किये जा रहे हैं लेकिन सरकार झूठ बोलकर लोगों को गुमराह कर रही है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से लगे महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों में कांग्रेस पार्टी को भरपूर जनसमर्थन मिला है। इस क्षेत्र से 75 से 100 प्रतिशत तक कांग्रेस के उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं।
इससे साफ़ है कि महाराष्ट्र में भी कांग्रेस की लहर है। पटोले ने कहा कि अगर बीजेपी इतना दम है तो तीन राज्यों में जीत के बाद महाराष्ट्र में स्थानीय चुनाव कराकर दिखाएं। बीजेपी भी जानती है कि लोग उनके खिलाफ हैं इसलिए उन्हें चुनाव में हार का डर है।
पटोले ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में धान की कीमत 3100 रुपए और बोनस 1000 रुपए और सिलेंडर 450 रुपए में देने की घोषणा की तो महाराष्ट्र में क्यों नहीं दिया गया। इसका जवाब भाजपा सरकार को देना होगा। याद रखें हल्ला बोल मोर्चा सरकार के लिए एक चेतावनी है। किसानों, बेरोजगारों को न्याय मिलने तक हम चुप नहीं बैठेंगे।
बालासाहेब थोराट बोले बेलगाम हुई महंगाई
इस मौके पर विधायक दल के नेता बालासाहेब थोरात ने कहा कि महंगाई बेलगाम है और लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। युवाओं को शिक्षा मिलने के बाद नौकरी नहीं मिल रही है। लोगों के ये ज्वलंत सवाल हैं लेकिन सरकार का ध्यान इस पर नहीं है। किसानों और मजदूरों की हालत बहुत खराब है. यह सरकार वादे तो बहुत करती है लेकिन पूरा नहीं करती। बीमा कंपनियां किसानों को धोखा दे रही हैं लेकिन सरकार इस पर कुछ नहीं कर रही है।
केंद्र की भाजपा सरकार लोकतंत्र को कमजोर कर पिछले साढ़े नौ साल से सत्ता में है। महाराष्ट्र में भी विधायकों को तोड़ कर सरकार गिराई गई है। अब राज्य की जनता को इस सरकार को हटा देना चाहिए। आम जनता महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार को हटाकर कांग्रेस की सरकार लाना चाहती है।
अशोक चव्हाण ने कहा…
इस मौके पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना में छह गारंटी दी थी और लोगों ने वोट देकर कांग्रेस को सत्ता सौंपी। कर्नाटक में भी कांग्रेस ने गारंटी दी और वहां कांग्रेस की सरकार आई। अब हम महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार लाएंगे। यहां बेरोजगारी की संख्या बढ़ी है लेकिन सरकार ने पांच साल में भर्ती नहीं की। एमपीएससी की परीक्षाएं नहीं हुईं।
गांव में बिजली, पानी और खेती संकट में है। बेरोजगारों, किसानों, महिलाओं, खेत मजदूरों, सफाईकर्मियों के सवाल हैं। सरकार के मंत्री एक-दूसरे के खिलाफ बोल रहे हैं लेकिन जनता के सवालों को हल नहीं किया जा रहा है। आज का मार्च सिर्फ कांग्रेस का नहीं बल्कि जन आक्रोश का है और ये हल्लाबोल महायुति की सोई हुई सरकार को जगाने के लिए है।