मुंबई: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की संयुक्त पहल से आयोजित दो दिवसीय ‘शक्ती संवाद’ परिषद का आज सफल समापन हुआ। मुंबई के हॉटेल ट्रायडेंट में आयोजित इस परिषद का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देना था।
देशभर की महिला आयोगों की अध्यक्षा और सदस्य परिषद में शामिल हुईं और सक्रिय रूप से विचार-विमर्श किया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रुपाली चाकणकर के नेतृत्व में सफल आयोजन की सराहना की। समापन सत्र में रायगढ़ के विधायक सुनिल तटकरे ने भी विशेष उपस्थिति दर्ज की।
Bollywood में हंगामा! Govinda की पत्नी Sunita ने तलाक फाइल किया, सच क्या है? पढ़ें पूरी खबर
परिषद में मुख्य आकर्षण
-
महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा: रुपाली चाकणकर ने कहा कि इस तरह के संवाद देशभर की महिला आयोगों को एक मंच पर लाकर सकारात्मक अनुभव साझा करने में मदद करते हैं।
-
आगामी योजनाओं की रूपरेखा: विजया रहाटकर ने सभी राज्य आयोगों को निर्देश दिया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृवंदना योजना, मिशन इंद्रधनुष जैसी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन किया जाए। उन्होंने महिला पोषण और शिक्षा पर विशेष जोर दिया।
-
कानूनी जागरूकता सत्र: महाराष्ट्र पुलिस की महासंचालक रश्मि शुक्ला ने ‘भारतीय न्याय संहिता’ और ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ पर महिला दृष्टिकोन से विशेष जानकारी दी और वास्तविक प्रकरणों पर चर्चा की।
-
डिजिटल और साइबर जागरूकता: ‘यशोदा एआई’ सत्र में प्रणव द्विवेदी ने साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के फायदे और डिजिटल टूल्स पर विस्तार से जानकारी दी।
-
महान महिलाओं का योगदान: संविधान निर्माण में योगदान देने वाली 15 महान महिलाओं और उनके दृष्टिकोण पर विशेष सत्र आयोजित किया गया।
-
महिला स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य: डॉ. गिरीश लाड ने मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को आने वाली मानसिक और शारीरिक चुनौतियों पर मार्गदर्शन दिया।
महिलाओं की समर्थ भागीदारी से ही महाराष्ट्र का विकास संभव
सुनिल तटकरे ने कहा कि महिलाओं की समर्थ भागीदारी से ही महाराष्ट्र का विकास संभव है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए सभी राज्य महिला आयोगों को आगामी कार्यों के लिए शुभकामनाएं दी।
