अंकारा। तुर्की के आसमान में बीती रात एक आश्चर्यजनक घटना देखी गई । इस खगोलीय घटना ने लोगों को मंत्रमुग्घ करने के साथ ही दहशत से भर दिया। बता दें कि रात में आसमान में एक आग का गोला दिखाई दिया। यह एक उल्का पिंड माना जा रहा है। बादलों के बीच चमकदार रोशनी देख हर कोई हैरान हो गया और लोग इसका वीडियो बनाने लगे। इसके बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा रहा है कि आसमान में एक हरी रोशनी तेजी से चलती हुई दिख रही है। अधिकारियों ने इसे लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
उल्कापिंड धूमकेतु, एस्टेरॉयड के मलबे का एक ठोस टुकड़ा है जो बाहरी अंतरिक्ष में उत्पन्न होता है। जब यह पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरता है तो जलने लगता है। उल्कापिंड कहीं से भी आ सकते हैं। हो सकता है यह एस्टेरॉयड बेल्ट से आए या फिर मंगल और चंद्रमा पर टक्कर से अलग हुआ हो। इसमें कई तरह की धातु भी मिलती है। कुछ उल्कापिंड चट्टान वाले तो कुछ लोहे और निकल के बने होते हैं। दुनिया भर में कई उल्कापिंड हैं जो अपने बड़े आकार के कारण धरती के वायुमंडल में जलकर भी बहुत छोटे बच गए।
मंगल ग्रह पर लगभग हर दिन उल्कापिंड गिरते हैं। नासा को एक नए शोध से पता चला है कि लगभग हर दिन बास्केटबॉल के आकार का उल्कापिंड गिरता है। नासा के इनसाइट मिशन के आंकड़ों के मुताबिक यह अनुमान से 10 गुना ज्यादा है। ग्रह को बेहतर ढंग से समझने के लिए शोध में मार्सक्वेक या भूकंपीय गतिविधि के डेटा का इस्तेमाल किया गया। अध्ययन के मुताबिक ग्रह पर हर साल लगभग 280 से 360 बास्केटबॉल के आकार का उल्कापिंड गिरता है। इसके परिणामस्वरूप लगभग 8 मीटर चौड़ा गड्ढा बन जाता है।
