नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव, जो मैनपुरी से मौजूदा सांसद हैं, लोकसभा में इतिहास रचने जा रहे हैं। यह दोनों एक साथ लोकसभा में पहुंचने वाले पहले जोड़े होंगे। अखिलेश और डिंपल दोनों ही 17वीं लोकसभा के सदस्य थे, लेकिन अलग-अलग समय पर। इस बार अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ही नहीं, बल्कि उनके तीन भाई भी सांसद के तौर पर सदन में उनके साथ होंगे।
हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में सैफई परिवार के पांच सदस्य संसद के निचले सदन के लिए चुने गए हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने आजमगढ़ सीट से चुनाव जीता था, लेकिन डिंपल को कन्नौज में भाजपा के सुब्रत पाठक से 10,000 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। सभी की निगाहें अखिलेश और डिंपल की दोस्ती पर हैं, जिनके नेतृत्व में समाजवादी पार्टी ने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में 37 सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी। अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी को करारी शिकस्त दी है। भगवा पार्टी को 33 सीटें ही मिल पाईं और 29 सीटें हार गईं। कांग्रेस पार्टी ने भी छह सीटें जीतकर राज्य में अपनी पैठ बढ़ाई है।
