नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव 2024 के रुझानों ने जो तस्वीर सामने लाकर रख दी है उससे लगता है कि 10 साल बाद फिर अस्थिर सरकार का दौर शुरू होगा. हालांकि मतों की गिनती जारी है. अब तक के रुझानों में एनडीए और इंडिया गठबंधन में से किसी को भी बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. ऐसे में कांग्रेस ने बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए जोर जामाइश खेल शुरू कर दिया है. शरद पवार ने बिहार के सीएम और जेडीयू के मुखिया नीतीश कुमार से बात की है. इसके अलावा स्टालिन, चंद्रबाबू नायडू के संपर्क में बने हुए हैं.
सूत्र बताते हैं कि टीडीपी प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू को एनडीए का संयोजक नियुक्त किया जाएगा. नायडू ने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को फोन किया और दोनों को बधाई दी है. दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व टीडीपी और जेडीयू दोनों ही पार्टी के शीर्ष नेताओं के संपर्क में है, ताकि जरूरत पड़ने पर इनकी मदद से बहुमत साबित किया जा सके और बीजेपी को सत्ता में आने से रोका जा सके.
बता दें कि नीतीश कुमार बीजेपी का साथ दो बार छोड़ चुके हैं. 2015 में नीतीश कुमार ने बीजेपी को छोड़कर कांग्रेस और आरजेडी के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया और चुनाव जीतकर सीएम भी बने. यह सरकार 2 साल तक चली. इसके बाद जुलाई 2017 में नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ टकराव के बाद महागठबंधन को छोड़कर फिर से एनडीए का रुख किया और बीजेपी की मदद से सरकार बनाई. 10 अगस्त 2022 को फिर से नीतीश कुनार ने पलटी मारी और बीजेपी को छोड़कर लालू यादव की पार्टी का हाथ थामा. दोनों ने मिलकर सरकार बनाई. नीतीश कुमार सीएम बने, जबकि तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बने. दोनों की सरकार दो साल चली, लेकिन टकराहट की वजह से नीतीश कुमार ने एक बार फिर पलटते हुए 28 जनवरी 2024 को बीजेपी का हाथ थामा और एनडीए में वापसी की.
