2003 की एलओसी: ‘कारगिल’ एक ऐतिहासिक युद्ध पर बेस्ड फिल्म थी जो 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़े गए कारगिल युद्ध पर आधारित थी। फिल्म में अब तक की सबसे बड़ी स्टार कास्ट में से एक को शामिल किया गया था। जिसमें उस समय के कई लोकप्रिय नाम प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। ऐसी ही एक भूमिका अभिषेक बच्चन द्वारा निभाई गई कैप्टन विक्रम बत्रा की थी, जिसमें पहली बार कैप्टन बत्रा के वीरतापूर्ण बलिदान को बड़े पर्दे पर लाया गया था। आइए अभिषेक बच्चन के पांच बेहतरीन सीन के बारे में जानते हैं।
मौका, पसंद और पेशा
संघर्ष के बीच कॉमेडी
सिर्फ सैनिक ही नहीं दोस्त भी
फिल्म के कुछ सबसे बड़े एक्शन सीन से पहले, हम अभिषेक बच्चन को अपनी पलटन में सैनिकों के साथ बातचीत करते हुए, उनका मनोबल बढ़ाते हुए और ताउम्र चलने वाले संबंध बनाते हुए देखते हैं। अभिषेक बच्चन वास्तव में उस सीन में कैप्टन बत्रा केयरिंग इमेज को सामने लाते हैं। जहां सैनिक युद्ध के बाद की योजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। यह एक दिल को छू लेने और यादगार सीन बनाते हैं जो फिल्म में बाद में दिखाई देने वाले नुकसान में इमोशंस को जोड़ता है।
ये दिल मांगे मोर
वीरता, नेतृत्व और बलिदान
शायद कारगिल युद्ध की सबसे वीरतापूर्ण कहानियों में से एक, कैप्टन बत्रा का निस्वार्थ बलिदान युद्ध में महत्वपूर्ण मोड़ों में से एक था। अभिषेक बच्चन ने देश को दिखाया कि कैप्टन बत्रा किस तरह के इंसान थे। उन्होंने हर सीन के साथ अपनी बहादुरी और नेतृत्व का प्रदर्शन किया। जिससे उनके सैनिक आगे बढ़ सकें। कैप्टन बत्रा के जीवन के अंतिम क्षण काफी भावुक और दिल को झकझोर देने वाले थे।
इस मुश्किल सीन को पूरी शिद्दत से निभाया, इसमें अभिषेक बच्चन ने दर्शकों को हर भावना का एहसास कराया, जिससे उन्हें किसी अपने को खोने का दुख हुआ। इस फिल्म में कैप्टन विक्रम बत्रा के किरदार के जरिए अभिषेक बच्चन बॉलीवुड के बेहतरीन कलाकारों की फेहरिस्त में शुमार हो गए।
