नई दिल्ली : 10वीं और 12वीं कक्षा के सिलेबस में बड़ा बदलाव होगा. इन दोनों कक्षाओं में अब विषयों की संख्या बढ़ाई जाएगी और छात्रों को अधिक विषयों का स्टडी करना होगा. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस संदर्भ में बड़े बदलाव की सिफारिश की है. इसके अनुसार, 10वीं कक्षा में छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी और 12वीं कक्षा में छह मुख्य विषयों के साथ-साथ उन्हें दो भाषाओं का भी अध्ययन करना होगा. सीबीएसई ने स्कूलों को इसे लागू करने के लिए निर्देश जारी किया है और यह बदलाव नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप होंगे.
10वीं कक्षा में अब तीन भाषाएं अनिवार्य होंगी, जिसमें से दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए. 11th-12th में एक की बजाय अब दो भाषाएं पढ़नी होंगी, जिसमें एक भारतीय भाषा भी शामिल होगी. इसके साथ ही, 9th और 10th कक्षा के छात्रों को पास करने के लिए विषयों की संख्या भी बढ़ा दी गई है. 5 की बजाय अब 10 विषय पढ़ने होंगे, जिसमें 3 भाषाएं और 7 मुख्य विषय होंगे, जैसे कि गणित, कंप्यूटर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और पर्यावरण शिक्षा.
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12वीं कक्षा में भी बड़े बदलाव किए जाएंगे. अब 12वीं में भी छात्रों को 2 भाषाएं पढ़नी होंगी और 4 मुख्य विषय होंगे. इन विषयों को 4 ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा, जिनमें भाषा, कला, शारीरिक शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा, सामाजिक विज्ञान, अंतःविषय विषय, गणित, विज्ञान आदि शामिल होंगे.
इस संदर्भ में, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 10वीं और 12वीं में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्रों को मुख्य विषयों का उचित ज्ञान हो, स्कूलों को इसे लागू करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं.
