मुंबई: दुनिया में बिकने वाले ज्यादातर हीरे सूरत में बनाए होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सूरत में इसका एक बड़ा बाजार तैयार किया गया है। सूरत के इस प्रतिष्ठित डायमंड बाज़ार में 4500 कार्यालय हैं। आज से यहां हीरों का व्यापार शुरू हो रहा है। इसके मद्देनजर मुंबई के 26 हीरा कारोबारी भी सूरत के ऑफिस में शिफ्ट होंगे। सूरत डायमंड बोर्स के 135 कार्यालय मंगलवार से व्यवसाय के लिए औपचारिक रूप से खुल जाएंगे। 135 हीरा व्यापारियों में से 26 व्यापारी अपने कार्यालय स्थायी रूप से बंद करके मुंबई से सूरत शिफ्ट होंगे।
Surat Diamond Bourse में काम शुरू!
सूरत डायमंड बोर्स (एसडीबी) सूरत के खजोद के ड्रीम सिटी में बनाया गया है, जिसमें 4300 कार्यालय शामिल हैं। 10 साल पहले सूरत डायमंड बोर्स के निर्माण के लिए काम शुरू किया गया था। दुनिया के सबसे बड़े हीरा व्यापार केंद्र में आज से 135 हीरा व्यापारी काम करना शुरू कर देंगे। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 दिसंबर को इस डायमंड बाजार का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
गुजरात सरकार से 1,000 एकड़ जमीन मिली
2014 में जब सूरत के कुछ कारोबारी तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल से मिले तो वे चाहते थे कि हीरा कारोबार मुंबई से नहीं बल्कि सूरत से चले। इसी लक्ष्य को लेकर हीरा उद्योग से जुड़े सभी कारोबारियों ने आनंदीबेन पटेल को समझाया। परिणाम यह हुआ कि सरकार द्वारा उन्हें तुरंत 1000 एकड़ से अधिक जमीन दे दी गई।
हीरों के निर्यात के लिए मुंबई की जरूरत क्यों पड़ी?
चूंकि मुंबई में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इसलिए सूरत के हीरा व्यापारियों को मुंबई में एक अलग कार्यालय स्थापित करना पड़ा। जिसके माध्यम से सूरत में तराशे गए हीरे मुंबई से दुनिया के विभिन्न देशों में निर्यात किए जाते थे।
अब गुजरात में मिलेंगी सारी सुविधाएं
अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी डायमंड हब बिल्डिंग ‘सूरत डायमंड बोर्स’ का निर्माण गुजरात के सूरत शहर में किया गया है। जिसमें सूरत के हीरा व्यापारियों के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं हैं। यही कारण है कि अब सूरत के हीरा व्यापारी जो मुंबई से दुनिया भर में हीरे का कारोबार करते हैं। वे मुंबई से अपना हीरा कारोबार बंद कर सूरत का रुख कर रहे हैं।
