मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एकबार फिर एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दरअसल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के स्मृति स्थल पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर एकनाथ शिंदे गुट के कई नेता, विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता वहां आए थे। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा बालासाहेब के स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद शिवाजी पार्क मैदान पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
दरअसल एकनाथ शिंदे के बालासाहेब के स्मृति स्थल से निकलने के बाद उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ता वहां घुस गए। कहा जा रहा है कि ये कार्यकर्ता उद्धव ठाकरे गुट के नेता अनिल परब और अनिल देसाई के नेतृत्व में वहां आए थे। इस दौरान दोनों गुटों की ओर से जमकर नारेबाजी की गई।
शुक्रवार को है बालासाहेब ठाकरे का स्मृति दिवस
उद्धव ठाकरे खेमे के नेता अनिल देसाई ने कहा कि कल हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। बालासाहेब ठाकरे का स्मृति दिवस कल है। कल उन लोगों का स्मृति दिवस है जिन्होंने मराठी लोगों, महाराष्ट्र और देश के लिए अपना पूरा जीवन बलिदान कर दिया। वह स्मृति दिवस हमारे लिए शांति से अपना सम्मान व्यक्त करने का है। बाकी लोग तमाशा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर कोई यहां अशांति फैलाने की कोशिश करेगा तो हम गड़बड़ी नहीं होने देंगे।
अनिल देसाई ने कहा कि अब उनका काम हो गया, अब उन्हें जाने दो। हमने शांति की अपील की है जो कोई भी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को जानता है। जो शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के शिष्टाचार को जानता है। वह यहां कोई भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
किसी के बाप की जगह नहीं: नरेश म्हस्के
इस मौके पर एकनाथ शिंदे गुट के नेता नरेश म्हस्के ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने हिंदुत्व विचारों को त्याग दिया है। बालासाहेब ठाकरे के स्मृति स्थल पर उन्होंने इस तरह का व्यवहार कर महिलाओं को झकझोर कर रख दिया है। यह स्वीकार्य नहीं है। नरेश म्हस्के ने कहा कि हम स्वतंत्र भारत में रहते हैं। यह जगह उनके पिता की नहीं है।
वहीं विधायक सदा सरवणकर ने कहा कि शिवसेना प्रमुख ने हिंदुत्व की लौ को जलाये रखने का काम किया। विधायक सदा सरवणकर ने महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार उनको शोभा देता है क्या?
‘हम ही असली शिवसेना’: शीतल म्हात्रे
एकनाथ शिंदे गुट की नेता शीतल म्हात्रे ने भी उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना साधा है। म्हात्रे ने कहा कि हम एकनाथ शिंदे गुट नहीं बल्कि शिवसेना हैं। हम असली शिवसेना हैं। हमारे पास धनुष-बाण है। ये कौन हैं? इनकी पार्टी के नेताओं से पूछो। हम सभी महिलाओं पर हमला किया गया। हमें मारने के लिए रॉडें निकाली गईं। कल कोई दिक्कत न हो इसलिए मुख्यमंत्री ने आज यह फैसला लिया।
लिहाजा आज उन्हें यहां आने की क्या जरूरत थी? वो लोग इतनी बड़ी संख्या में क्यों आए? आपने स्मारक की पवित्रता नष्ट कर दी है। उन्हें शर्म आनी चाहिए, आप महिलाओं को धक्का देते हैं।
