मुंबई: मेडिकल बेल पर जेल से बाहर आए नवाब मलिक एक बार फिर से सुर्ख़ियों में हैं। आलम ये है कि नवाब मलिक अजित पवार के लिए वो हड्डी बनते हुए नजर आ रहे हैं जिसे न तो निगला जा रहा है और न उगला जा रहा है। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब नागपुर विधानसभा में नवाब मलिक अजित पवार गुट के साथ जाकर बैठ गए। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए देवेंद्र फडणवीस पर सीधा निशाना साधा। जिसके बाद उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को पत्र लिखकर नवाब मलिक को अपने पक्ष न लेने की हिदायत दी।
फडणवीस ने इस बाबत सदन में भी स्पष्टीकरण दिया। अब इस मामले की वजह से सरकार में अंदरूनी विवाद पैदा हो गया है। हालात कुछ ऐसे बनते हुए नजर आ रहे हैं कि नवाब मलिक की वजह से राज्य के दो उप मुख्यमंत्रियों के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं। अब इस लड़ाई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के दामाद का नाम भी जुड़ गया है। पूर्व विधायक अनिल गोटे देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है।
देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
नवाब मलिक के प्रति उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुलकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि एक विधायक के तौर पर विधानसभा के सत्र में शामिल होना उनका अधिकार है। लेकिन बीजेपी नवाब मलिक को महागठबंधन में शामिल करने का विरोध करेगी। ऐसा उन्होंने अजित पवार को लिखे पत्र में साफ किया है। इस बीच पूर्व विधायक अनिल गोटे ने देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की है।
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नवाब मलिक के प्रति बीजेपी का रुख
पूर्व विधायक अनिल गोटे ने कहा कि नवाब मलिक के प्रति बीजेपी का रुख दोहरापन वाला है। उन्हें नवाब मलिक नहीं चलते लेकिन अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का दामाद चलता है। नवाब मलिक पर लगे आरोप 20 से 22 साल पुराने हैं। नवाब मलिक सत्ताधारी पक्ष की कुर्सी पर बैठे तो फडणवीस को ये पसंद नहीं लेकिन दाऊद के दामाद से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है?
अनिल गोटे ने यह स्पष्ट नहीं किया कि दाऊद इब्राहिम का दामाद कौन है? इसलिए सियासी गलियारे में असमंजस का माहौल है। गोटे ने कहा कि दाऊद इब्राहिम का दामाद विधायक है, वह बीजेपी के टिकट पर चुने गये हैं। उनकी नौकरी छुड़वाकर उन्हें टिकट दिया गया।
