नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी की टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की सांसदी रद्द कर दी गई है। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप सही पाए जाने के बाद मोइत्रा की सांसदी रद्द हुई है। एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई अंजाम दी गई है। इस रिपोर्ट पर संसद में चर्चा हुई और फिर ध्वनि मत से महुआ की उम्मीदवारी रद्द कर दी गयी है। समिति ने कहा था कि महुआ पर लगे आरोप गंभीर हैं। समिति ने उनके खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की थी।
तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा की उम्मीदवारी रद्द कर दी गई है। एथिक्स कमेटी की जांच में उन्हें दोषी पाया गया। समिति की रिपोर्ट आज लोकसभा में पेश की गई। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आचार समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई का प्रस्ताव रखा। महुआ पर पैसे लेकर सवाल पूछने का आरोप है। ये आरोप बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लगाया था। इस आरोप के बाद महुआ ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दुबे पर मानहानि का मुकदमा किया था।
स्पीकर हमारे साथ
लोकसभा में महुआ मोइत्रा के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने के पहले सदन में चर्चा हुई। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हम न्याय पर नहीं बल्कि न्याय पर चर्चा कर रहे हैं। यह सदन अदालत की तरह काम नहीं करेगा, मैं नियमों के तहत काम कर रहा हूं। ‘ मेरे पास वह अधिकार नहीं है।
गुस्से में बाहर निकलीं
संसद में जाने के कुछ देर बाद महुआ संसद से बाहर चली गईं। इस बार वह बहुत गुस्से में थी। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बातचीत की और बताया कि मेरी सांसदी को आज रद्द कर दिया गया। कल सीबीआई मेरे घर आएगी लेकिन अडानी को कुछ नहीं होगा। मैंने अडानी का मुद्दा उठाया था। अडानी के 30 हजार करोड़ के घोटाले पर चुप्पी क्यों साध ली गई है? मेरी जांच में कुछ भी नहीं मिला। महुआ ने कहा कि समिति ने कंगारू कोर्ट की तरह काम किया है।
