पुणे: एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने अयोग्यता मुद्दे पर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि सांसद अमोल कोल्हे ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से मुलाकात की, यह मैं आपसे सुना है। राज्यसभा में एनसीपी के चार सांसद हैं। इनमें एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, वंदना चव्हाण, फौजिया खान और प्रफुल्ल पटेल शामिल हैं। जब मणिपुर मामले पर चर्चा हुई, जब मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हुआ, जब वोट देने का समय आया, या जब चर्चा में भाग लेने का समय आया, तो प्रफुल्ल पटेल ने भाजपा का पक्ष लिया, जो मणिपुर में सत्ता में है। उन्होंने कहा, ”हम पूरी तरह से इसके खिलाफ हैं फिर चाहे बलात्कार कि बात हो या फिर किसी के घर को जालना हो।
इस भारत में किसी भी महिला के साथ बलात्कार होता है, भले ही हम सत्ता में हों, जो गलत है वह गलत है। हम इन गलत चीजों के लिए वोट नहीं देंगे। सुप्रिया सुले ने कहा, हम प्रफुल्ल पटेल की भूमिका देखकर आश्चर्यचकित थे और दुख हुआ कि प्रफुल्ल पटेल ने बीजेपी के साथ सहयोग किया।
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प्रफुल पटेल के खिलाफ आगे की कार्रवाई की मांग
सुप्रिया सुले ने कहा कि ‘भाजपा के साथ हमारी वैचारिक लड़ाई है। हमने प्रफुल पटेल को जुलाई महीने में ही अयोग्य/अपात्र घोषित कर दिया है। क्योंकि हो सकता है कि प्रफुल पटेल उनके पक्ष में फैसले ले रहे हों। जब केंद्र सरकार गलत फैसले लेती है तो प्रफुल पटेल उन्हें वोट देने का फैसला करते हैं। इसलिए हमने फिर से उनके खिलाफ अयोग्यता की मांग की है।
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शरद पवार को अंधेरे में रखकर शपथ ली
सुप्रिया सुले ने कहा कि लोकसभा में, मैं, अमोल कोल्हे, फैज़ल, श्रीनिवास पाटिल और सुनील तटकरे हैं। हमने पहले ही दिन सुनील तटकरे के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई की। क्योंकि उन्होंने अजित पवार के शपथ ग्रहण का पूरा समर्थन किया था। अजित पवार गुट के मंत्री ने मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हमने शरद पवार को अंधेरे में रखकर मंत्रिपद कि शपथ ली है।
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सुप्रिया सुले ने कहा, अगर इतना बड़ा फैसला पार्टी अध्यक्ष की जानकारी के बिना लिया जाता है तो निश्चित रूप से अयोग्यता की कार्रवाई की जानी चाहिए।
