Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र की सियासत में बीते कुछ दिनों से इस बात की चर्चा जोर पकड़ रही थी कि क्या उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे एक-दूसरे से हाथ मिलाएंगे? इन चर्चाओं के बीच एक अहम जानकारी सामने आई है। उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार रात पार्टी के विधायकों और सांसदों की अहम बैठक बुलाई थी। इस बैठक में उद्धव ठाकरे ने तमाम पदाधिकारी और नेताओं को अहम आदेश दिया है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि आगामी बीएमसी चुनाव को देखते हुए एमएनएस और शिवसेना (यूबीटी) का गठबंधन हो या ना हो लेकिन आप सभी को अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी रखनी होगी।
बीएमसी चुनाव पर ध्यान दें!
पार्टी के सांसदों और विधायकों का मार्गदर्शन करते हुए आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में किस तरह से सरकार को घेरना है, यह भी बताया। साथ ही, मुंबई महानगरपालिका के चुनाव पर लक्ष्य केंद्रित करने का भी आदेश दिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि पार्टी को और भी मजबूत बनाने पर जोर दिया जाए।
एमएनएस और यूबीटी के गठबंधन की चर्चा क्यों शुरू हुई?
कुछ दिनों पहले एक्टर महेश मांजरेकर ने राज ठाकरे का इंटरव्यू लिया था। जिसमें राज ठाकरे से एमएनएस और शिवसेना के गठबंधन के बारे में सवाल पूछा गया था। इसी सवाल का जवाब देते हुए राज ठाकरे ने कहा था कि दोनों दलों का एक साथ आना मुझे कोई मुश्किल बात नहीं लगती है। महाराष्ट्र में रहने वाले सभी मराठी लोगों के अस्तित्व के लिए हमारे छोटे-मोटे झगड़ों का कोई महत्व नहीं है।
राज ठाकरे के इस बयान के बाद उद्धव ठाकरे ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मैं भी छोटे-मोटे विवादों को दूर रखने के लिए तैयार हूं। महाराष्ट्र के लोगों को जो चाहिए वह होना चाहिए। दोनों नेताओं के सकारात्मक बयान के बाद गठबंधन की चर्चा ने जोर पकड़ा था। इसके बाद दोनों पार्टियों के कुछ नेताओं की विभिन्न कार्यक्रमों में मुलाकात भी हुई थी। हालांकि, अभी तक गठबंधन होगा या नहीं इसका फैसला नहीं हुआ है।
